धुरसा में बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत बनाने की पहल, प्रमाणन प्रक्रिया से लेकर हेल्पलाइन तक ग्रामीणों को दी गई जानकारी
छुरा (गंगा प्रकाश)। गांधी जयंती के अवसर पर ग्राम पंचायत धुरसा में आयोजित विशेष ग्राम सभा में बाल विवाह की रोकथाम को लेकर महत्वपूर्ण पहल सामने आई। ग्राम सभा में बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत बनाने का संकल्प लिया गया। इस दौरान ग्रामीणों को बाल विवाह के दुष्परिणाम, रोकथाम में समुदाय की भूमिका तथा बाल विवाह की सूचना तत्काल संबंधित विभाग तक पहुंचाने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
समर्पित जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रेन एवं नीति आयोग की सहयोगी संस्था एसोसिएशन फॉर वॉलंटरी एक्शन के सहयोग से आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत के संकल्प के साथ उपस्थित लोगों को बाल विवाह के विरुद्ध शपथ भी दिलाई गई। ग्राम सभा में इस बात पर जोर दिया गया कि बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति की रोकथाम केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि पूरे समुदाय की सक्रिय भागीदारी से संभव है।
संकल्प के बाद प्रमाणन की प्रक्रिया भी समझाई
ग्राम सभा में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान एवं बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायत को बाल विवाह मुक्त प्रमाणित किए जाने की प्रक्रिया की जानकारी भी साझा की गई। बताया गया कि निर्धारित प्रमाण-पत्र पर ग्राम पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव एवं सरपंच द्वारा हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके बाद प्रमाण-पत्र जनपद पंचायत में प्रस्तुत होगा, जहां मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत द्वारा उपलब्ध जानकारी एवं प्रमाण-पत्र का परीक्षण किया जाएगा।
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जनपद स्तर पर परीक्षण के बाद प्रमाण-पत्र महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यालय भेजा जाएगा। जिला स्तर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी द्वारा प्रमाण-पत्र का परीक्षण एवं हस्ताक्षर किए जाएंगे। निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ग्राम पंचायत को जिला स्तर पर बाल विवाह मुक्त ग्राम पंचायत के रूप में प्रमाणित किए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
हेल्पलाइन नंबरों की भी दी गई जानकारी
ग्राम सभा में ग्रामीणों को बाल संरक्षण एवं सहायता से संबंधित हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। इनमें 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, 1800-1027-222 चाइल्ड प्रोटेक्शन हॉटलाइन, 181 महिला हेल्पलाइन और 100 पुलिस हेल्पलाइन के बारे में बताया गया।
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कार्यक्रम के दौरान समुदाय से अपील की गई कि यदि कहीं बाल विवाह की जानकारी मिलती है तो उसे छिपाने के बजाय तत्काल संबंधित विभाग, पुलिस या हेल्पलाइन को सूचित किया जाए। साथ ही बच्चों के अधिकारों की रक्षा तथा बाल विवाह रोकने में ग्रामीणों से सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया।
ग्राम सभा में यह संदेश भी दिया गया कि गांव का विकास, समाज का सुधार—यही हमारा सामूहिक संकल्प है। धुरसा ग्राम पंचायत में लिया गया यह संकल्प बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ सामुदायिक जागरूकता और जिम्मेदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
