रायपुर (गंगा प्रकाश)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय 21 फरवरी 2026 को अपना 62वां जन्मदिन मना रहे हैं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टेनिस एसोसिएशन के सचिव गुरु चरण सिंह होरा ने उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि साय जी ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो विकास की नई इबारत लिख रहे हैं। उनकी दूरदृष्टि, सादगी और सबको साथ लेकर चलने की सोच ने प्रदेश को नई पहचान दी है।
होरा ने कहा कि मुख्यमंत्री साय गरीब, किसान, खिलाड़ी और हर वर्ग के चहेते नेता हैं। वे केवल योजनाएं नहीं बनाते, बल्कि हर वर्ग की जरूरतों को समझकर निर्णय लेते हैं। यही कारण है कि प्रदेश विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

साधारण परिवार से शिखर तक का सफर
21 फरवरी 1964 को जशपुर जिले के ग्राम बगिया में एक साधारण किसान परिवार में जन्मे विष्णु देव साय ने पंचायत स्तर से राजनीति की शुरुआत की। 1989 में पंच, 1990 में निर्विरोध सरपंच और उसी वर्ष विधायक बनकर उन्होंने सार्वजनिक जीवन में मजबूत पहचान बनाई। चार बार सांसद और केंद्र में राज्य मंत्री रहने के बाद दिसंबर 2023 में वे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बने। उनकी शांत कार्यशैली और संगठन में स्वीकार्यता उन्हें विशिष्ट बनाती है।
खेलों को मिला स्वर्णिम दौर
गुरुचरण सिंह होरा ने विशेष रूप से खेल क्षेत्र में मुख्यमंत्री की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि साय ने खेलों को युवा सशक्तिकरण और सामाजिक समरसता का माध्यम बनाया है।
खेल अलंकरण समारोह की पुनः शुरुआत
चार वर्ष बाद राज्य में खेल अलंकरण समारोह दोबारा शुरू किया गया, जिसमें उत्कृष्ट खिलाड़ियों को सम्मानित कर प्रोत्साहन राशि दी गई।
खिलाड़ियों के लिए बड़ी प्रोत्साहन राशि
- राष्ट्रीय खेलों के 130 खिलाड़ियों को लगभग 1.95 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि
- ओलंपिक पदक विजेताओं के लिए:
- स्वर्ण – 3 करोड़
- रजत – 2 करोड़
- कांस्य – 1 करोड़
- ओलंपिक क्वालीफाई करने वाले खिलाड़ियों को 21 लाख रुपये का विशेष पैकेज
होरा ने कहा, यह केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को मजबूत करने का संकल्प है।
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बस्तर ओलंपिक — खेल से शांति का संदेश
मुख्यमंत्री साय की पहल पर आयोजित बस्तर ओलंपिक ने खेल को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाया। पहले संस्करण में 1.65 लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी रही, जबकि 2025 संस्करण में 7 जिलों से हजारों खिलाड़ी जुड़े और 11 खेल विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं। इस आयोजन ने बस्तर क्षेत्र में शांति और विश्वास का वातावरण मजबूत किया।
अधोसंरचना और भविष्य की दृष्टि
राज्य में खेल अकादमियों का विस्तार, ‘खेलो इंडिया’ केंद्रों की स्थापना और खिलाड़ियों को सरकारी नौकरियों में अवसर देने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।
गुरुचरण सिंह होरा ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ खेल, विकास और सामाजिक समरसता के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान बनाएगा।
मुख्यमंत्री का यह जन्मदिन ऐसे समय पर आया है जब प्रदेश विकास, सुशासन और युवा सशक्तिकरण के नए अध्याय लिख रहा है।




