छुरा (गंगा प्रकाश)। जय माँ शीतला के जयघोष से छुरा नगर का वातावरण भक्तिमय होने जा रहा है। नगर की आराध्य देवी माँ शीतला मैया के दरबार में क्वाँर नवरात्र पर्व को लेकर तैयारियाँ अंतिम चरण की ओर बढ़ रही हैं। इस बार मंदिर में स्थापित होने वाले 1701 तेल ज्योति कलश और 16 घी ज्योति कलश श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और विश्वास की भव्य तस्वीर प्रस्तुत करेंगे। विशेष बात यह है कि माँ के दरबार में अपनी मनोकामनाओं के साथ ज्योति कलश प्रज्वलित कराने के लिए केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, गुजरात सहित देश के विभिन्न राज्यों से भी श्रद्धालुओं की सहभागिता हो रही है।
माँ शीतला मंदिर में प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी क्वाँर नवरात्र पर्व श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया जाएगा। 11 अक्टूबर 2026, रविवार को ज्योति कलश स्थापना एवं जंवारा प्रारंभ होने के साथ नौ दिवसीय धार्मिक आयोजन का शुभारंभ होगा। नवरात्र के दौरान मंदिर में प्रतिदिन विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी और माता रानी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का आगमन होगा। भक्त अपने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना लेकर माँ के दरबार में पहुँचेंगे।
नवरात्र पर्व के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 15 अक्टूबर, गुरुवार को पंचमी के अवसर पर सिंगार पूजा आयोजित की जाएगी। वहीं 19 अक्टूबर, सोमवार को महाष्टमी पर हवन तथा 20 अक्टूबर, मंगलवार को महानवमी के अवसर पर श्री जंवारा विसर्जन का कार्यक्रम संपन्न होगा। इन धार्मिक आयोजनों को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। मंदिर परिसर में तैयारियों के साथ पूजा-अर्चना की व्यवस्थाओं को भी व्यवस्थित किया जा रहा है, ताकि पर्व के दौरान भक्तों को माता रानी के दर्शन और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होने का अवसर मिल सके।
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माँ शीतला मंदिर को आकर्षक स्वरूप देने के लिए मंदिर परिसर में रंग-रोगन का कार्य कराया जा रहा है। विद्युत लाइटों और रंग-बिरंगी झालरों से मंदिर को सजाया गया है। रात्रि के समय रोशनी से जगमगाता माता का दरबार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेगा। मंदिर में प्रज्वलित होने वाले ज्योति कलशों की दिव्य आभा नवरात्र की धार्मिक महत्ता को और विशेष बनाएगी। श्रद्धालु अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना के साथ ज्योति कलश प्रज्वलित कर रहे हैं।
माँ शीतला मैया के प्रति लोगों की आस्था का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि छुरा नगर और आसपास के क्षेत्रों के अलावा दूर-दराज के राज्यों से भी भक्त ज्योति कलश स्थापित कराने के लिए आगे आ रहे हैं। महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, हैदराबाद, भोपाल, गुजरात तथा बीना सहित मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालुओं की सहभागिता इस मंदिर की धार्मिक प्रतिष्ठा और जनविश्वास को दर्शाती है। नवरात्र के दौरान दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले भक्त माता रानी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
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इस भव्य धार्मिक आयोजन को सफल बनाने के लिए शीतला समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक ओंकार शाह, राजमहल छुरा के राजा साहब यशपेंद्र शाह, समिति के सचिव रंजन ध्रुव तथा कोषाध्यक्ष ललित मेहता सहित अन्य पदाधिकारी एवं सदस्य सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। आयोजन की तैयारियों में सुभाष बैगा, मितेश दीक्षित, कुलेश्वर दाऊ, कोमल सोनी, योगेश प्रधान, संतराम निर्मलकर, कुमार ध्रुव, ललित कंवर, बाजारू निषाद, संजय पटेल, विजय कंवर, के.आर. सिन्हा, कौशल यादव, धनसुख साहू सहित अन्य सदस्य सहयोग कर रहे हैं।
नवरात्र केवल धार्मिक अनुष्ठान का पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने का भी अवसर है। नौ दिनों तक माँ दुर्गा की आराधना के साथ श्रद्धालु सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। छुरा स्थित माँ शीतला मैया का दरबार इसी आस्था और परंपरा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। अब सभी की निगाहें नवरात्र के शुभारंभ पर टिकी हैं, जब 1701 तेल और 16 घी ज्योति कलशों की दिव्य रोशनी के बीच माँ का दरबार भक्ति और श्रद्धा से आलोकित होगा।
