बरदुला में गंभीर घायल युवक को 112 ने पहुंचाया अस्पताल, उरमाल-सरगीगुड़ा मार्ग पर जर्जर पुल के गड्ढे ने छीना बाइक सवार का संतुलन; करीब एक सप्ताह से 108 सेवा प्रभावित होने की जानकारी
मैनपुर (गंगा प्रकाश)। रविवार को मैनपुर क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर हुए दो बाइक हादसों ने एक बार फिर क्षेत्र की सड़क सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति पर सवाल खड़े कर दिए। बरदुला के पास बाइक दुर्घटना में सिहारलटी निवासी कार्तिक ध्रुव गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उरमाल-सरगीगुड़ा मार्ग पर जर्जर पुल के गड्ढे में बाइक अनियंत्रित होने से सेंदकुमार घायल हो गया। दोनों घटनाओं में घायलों को तत्काल उपचार की जरूरत पड़ी। ऐसे समय में क्षेत्र में 108 संजीवनी एंबुलेंस सेवा के सुचारू रूप से उपलब्ध नहीं होने की बात चिंता बढ़ाने वाली रही।

बरदुला के पास अनियंत्रित हुई बाइक, लहूलुहान हालत में मिला युवक
जानकारी के अनुसार ग्राम सिहारलटी (ध्रुवागुड़ी) निवासी कार्तिक ध्रुव, पिता देवी सिंह ध्रुव, रविवार शाम अपनी एचएफ डीलक्स बाइक से जा रहा था। इसी दौरान बरदुला के पास उसकी बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में कार्तिक गंभीर रूप से घायल हो गया।
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घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। आरक्षक नरेश कुमार निषाद और वाहन चालक इंद्रजीत साहू ने घायल युवक को तत्काल अपने वाहन से मैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। यहां उसका उपचार जारी बताया गया।
हादसे के बाद स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी चर्चा में रहा कि यदि 112 की टीम समय पर नहीं पहुंचती तो गंभीर रूप से घायल युवक को अस्पताल पहुंचाने में कितनी देरी होती।

जर्जर पुल के गड्ढे में फंसी बाइक, सड़क पर जा गिरा युवक
दूसरी घटना उरमाल और सरगीगुड़ा के बीच हुई। पोड़पारा-चलनापदर निवासी सेंदकुमार, पिता लालधर, शाम करीब 5 बजे बाइक से उरमाल से सरगीगुड़ा की ओर जा रहा था। इसी दौरान जर्जर पुल के गड्ढे में बाइक आने से उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर गिर पड़ा।
घटना के बाद पत्रकार युमेन्द्र कश्यप ने घायल युवक को घटनास्थल से उरमाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। वहां डॉ. सनथ कुम्भकार ने उसका प्राथमिक उपचार किया।
डॉ. सनथ कुम्भकार के अनुसार युवक के सिर में चोट लगी है। हादसे में उसका एक दांत भी टूट गया तथा शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद युवक की स्थिति को देखते हुए उसे बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया।
हादसे तो सामने आए, लेकिन असली चिंता 108 सेवा को लेकर
रविवार की दोनों घटनाओं ने मैनपुर क्षेत्र की आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था की एक अहम तस्वीर सामने रख दी है। बताया जा रहा है कि ब्लॉक क्षेत्र में पिछले करीब एक सप्ताह से 108 संजीवनी एंबुलेंस सेवा सुचारू रूप से उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सड़क दुर्घटना अथवा किसी अन्य गंभीर आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजनों, स्थानीय लोगों और डायल 112 जैसी सेवाओं पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
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सड़क हादसों में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में यदि गंभीर घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस उपलब्ध न हो तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। मैनपुर जैसे दूरस्थ क्षेत्र में यह समस्या ग्रामीणों के लिए विशेष चिंता का विषय बनी हुई है।
एमटी की अनुपलब्धता से प्रभावित है सेवा : बीएमओ
मैनपुर बीएमओ डॉ. गजेंद्र ध्रुव ने बताया कि 108 एंबुलेंस सेवा में मेडिकल टेक्नीशियन (एमटी) की अनुपलब्धता के कारण आपातकालीन सुविधा प्रभावित हुई है। समस्या के तत्काल निराकरण के लिए उच्च स्तर पर पत्राचार किया जा चुका है। जल्द ही सेवा बहाल होने की उम्मीद है।
जर्जर पुल और बंद पड़ी एंबुलेंस—दोहरी चुनौती से जूझ रहा क्षेत्र
एक ओर जर्जर सड़क और पुल के गड्ढे हादसों का कारण बन रहे हैं, तो दूसरी ओर आपातकालीन एंबुलेंस सेवा के प्रभावित होने से दुर्घटना के बाद घायल को अस्पताल पहुंचाना चुनौती बनता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और पुल की मरम्मत के साथ-साथ 108 सेवा को भी तत्काल सुचारू किया जाना चाहिए।
रविवार के दो हादसों ने फिलहाल एक बड़ा सवाल छोड़ दिया है—अगर अगली बार हादसा इससे भी गंभीर हुआ और 108 मौके पर उपलब्ध नहीं हुई, तो घायल को समय पर अस्पताल कौन पहुंचाएगा?
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से जर्जर सड़क-पुल की मरम्मत कराने तथा 108 संजीवनी एंबुलेंस सेवा को तत्काल बहाल करने की मांग की है, ताकि आपात स्थिति में किसी की जिंदगी सिर्फ व्यवस्था की कमी के कारण खतरे में न पड़े।





