गंदगी, कथित भ्रष्टाचार और गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों को लेकर कांग्रेस ने खोला मोर्चा, बैरिकेडिंग के दौरान पुलिस से हुई झूमाझटकी; तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। शहर की सफाई व्यवस्था से लेकर तालाबों के विकास कार्यों और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता तक, आखिर किन समस्याओं को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी को नगरपालिका के खिलाफ आंदोलन करना पड़ा? गरियाबंद में मंगलवार को उस समय राजनीतिक माहौल गरमा गया, जब जिला कांग्रेस कमेटी ने अपनी 20 सूत्रीय मांगों को लेकर नगरपालिका कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र एवं राज्य सरकार तथा नगरपालिका प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आंदोलन के अंत में नगरीय प्रशासन मंत्री का पुतला दहन कर नगरीय प्रशासन सचिव और कलेक्टर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया।
कांग्रेस ने शहर में व्याप्त गंदगी, कथित भ्रष्टाचार, प्रशासनिक अनियमितताओं, अवैध प्लाटिंग और गुणवत्ताहीन निर्माण कार्यों को लेकर सवाल उठाए। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
जिला कांग्रेस कार्यालय में हुई सभा, नगरपालिका के कामकाज पर उठाए सवाल
नगरपालिका घेराव से पहले जिला कांग्रेस कार्यालय में सभा आयोजित की गई। सभा को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा ने आरोप लगाया कि गरियाबंद शहर में सफाई व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने कहा कि शहर की विभिन्न समस्याओं को लेकर कांग्रेस पहले भी नगरपालिका प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास कर चुकी है, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं होने के कारण पार्टी को आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा।
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बेसरा ने कहा कि नगरवासियों को स्वच्छ वातावरण, बेहतर नागरिक सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य उपलब्ध कराना स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग उठाई।
कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े मुद्दों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो पार्टी आगे भी आंदोलन करेगी।

तिरंगा चौक से बस स्टैंड तक निकली रैली, नगरपालिका के बाहर पुलिस ने रोका
सभा के बाद कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता पैदल रैली निकालते हुए नगरपालिका कार्यालय की ओर रवाना हुए। रैली तिरंगा चौक और बस स्टैंड से होकर गुजरी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए नगरपालिका प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया।
नगरपालिका कार्यालय पहुंचने से पहले पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इसके बाद आगे बढ़ने को लेकर पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच झूमाझटकी की स्थिति निर्मित हुई।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर विरोध जारी रखा। बाद में आंदोलन के समापन पर नगरीय प्रशासन मंत्री का पुतला दहन किया गया और मांगों से संबंधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा गया।
नया तालाब, देवरानीन तालाब और नालंदा से जुड़े कार्यों पर उठाए सवाल
कांग्रेस द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में शहर की विभिन्न समस्याओं के साथ विकास कार्यों को लेकर कई मांगें रखी गईं। इनमें नया तालाब के गहरीकरण कार्य में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही।
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इसके अलावा नालंदा से संबंधित कार्य प्रारंभ कराने तथा देवरानीन तालाब और नया तालाब के स्वीकृत कार्यों को शुरू कराने की मांग भी उठाई गई। कांग्रेस का कहना है कि शहर के विकास से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा किया जाना चाहिए, ताकि आम नागरिकों को उनका लाभ मिल सके।
पार्टी ने संबंधित कार्यों की स्थिति स्पष्ट करने और जहां अनियमितताओं की शिकायतें हैं, वहां जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।

अवैध प्लाटिंग से लेकर नालियों की सफाई तक, ज्ञापन में उठे ये मुद्दे
कांग्रेस की 20 सूत्रीय मांगों में शहर में कथित अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने, नगरपालिका क्षेत्र की नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने और पहले कराए गए निर्माण कार्यों की जांच कराने की मांग शामिल रही।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सार्वजनिक धन से होने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता के निर्धारित मानकों का पालन किया जाना चाहिए। निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जांच होने से अनियमितताओं की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता खुलेगा।
पार्टी ने शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने, तालाबों के विकास कार्यों को गति देने और नागरिक सुविधाओं में सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
जिला कांग्रेस कमेटी ने कहा कि गरियाबंद शहर की समस्याओं का समाधान समयबद्ध तरीके से होना चाहिए। केवल विकास कार्यों की घोषणा पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन और नियमित निगरानी भी जरूरी है।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि 20 सूत्रीय मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी आगामी दिनों में आंदोलन को आगे बढ़ाएगी।
फिलहाल, कांग्रेस के इस प्रदर्शन के बाद अब संबंधित मांगों पर प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर लोगों की नजर रहेगी। वहीं, तालाबों के विकास कार्यों, सफाई व्यवस्था और निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं को लेकर उठाए गए सवालों पर संबंधित नगरपालिका प्रशासन का पक्ष और जांच की स्थिति सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा।
प्रदर्शन में ये रहे शामिल
प्रदर्शन के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा, नीरज ठाकुर, रमेश शर्मा, पवन सोनकर, सन्नी मेमन, आबिद ढेबर, लोकेंद्र कोमर्रा, प्रहलाद यदु, छगन यादव, राजेश साहू, प्रेम सोनवानी, जुनैद खान, संदीप सरकार, पूना यादव, रमेश वर्मा, मुकेश पांडेय, अजय बाजपेयी, चेतन सिन्हा, गोरेलाल सिन्हा, रितिक सिन्हा, निरंजन प्रधान, हेमलता सिन्हा, वेदांत शर्मा, शेषांक मालिक, शिला तांडी, प्रतिभा पटेल, पार्वती ध्रुव, सविता गिरी, मुकेश भोई सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।





