छुरा/गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा द्वारा घोषित नवगठित जिला कांग्रेस कमेटी को लेकर छुरा विकासखंड सहित जिलेभर के कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखी जा रही है। नई कार्यकारिणी में लंबे समय से पार्टी से जुड़े निष्ठावान और सक्रिय नेताओं को स्थान नहीं मिलने से कार्यकर्ताओं में असंतोष व्याप्त है। कई वरिष्ठ नेताओं ने इसे संगठन के भीतर गुटबाजी और पक्षपातपूर्ण नियुक्ति करार दिया है।
50 वर्षों से जुड़े कार्यकर्ताओं की अनदेखी
जानकारी के अनुसार विगत कई दशकों से कांग्रेस पार्टी से जुड़े वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को नवगठित जिला कांग्रेस कमेटी में जगह नहीं मिलने से आक्रोश का माहौल है। स्थानीय नेताओं का आरोप है कि करीब 40–50 वर्षों से कांग्रेस के लिए निष्ठापूर्वक कार्य करने वाले नेताओं को दरकिनार कर नए चेहरों को पद दे दिए गए हैं। इससे संगठन में असंतोष की स्थिति निर्मित हो गई है।
वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि संगठन में वर्षों से सक्रिय कार्यकर्ताओं की उपेक्षा कर मनमाने तरीके से नियुक्तियां की गई हैं, जो पार्टी हित में नहीं है।
पूर्व में विरोध करने वालों को मिला पद !
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि जिन लोगों को जिला कांग्रेस कमेटी में महत्वपूर्ण पद दिए गए हैं, उनमें से कुछ नेता पूर्व में जोगी कांग्रेस से जुड़े रहे हैं और चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रत्याशियों के विरोध में सक्रिय रहे थे। ऐसे लोगों को संगठन में जिम्मेदारी दिए जाने से कार्यकर्ताओं में असंतोष और बढ़ गया है।
स्थानीय नेताओं का कहना है कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी तथा पूर्व विधायक अमितेश शुक्ला के खिलाफ प्रचार करने वाले कुछ व्यक्तियों को भी संगठन में स्थान दिया गया है, जिससे निष्ठावान कार्यकर्ताओं का मनोबल कमजोर हुआ है। नेताओं का मानना है कि ऐसे निर्णयों का असर आने वाले चुनावों में देखने को मिल सकता है।
जिला अध्यक्ष पर पक्षपात के आरोप
वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुखचंद बेसरा या तो क्षेत्र के पुराने कांग्रेस नेताओं से पूरी तरह परिचित नहीं हैं या फिर जानबूझकर वरिष्ठ और सक्रिय नेताओं की उपेक्षा की गई है। कई नेताओं ने इसे संगठन के भीतर गुटबाजी का परिणाम बताते हुए चिंता व्यक्त की है कि यदि समय रहते स्थिति नहीं सुधरी तो संगठन कमजोर हो सकता है।
प्रदेश नेतृत्व से शिकायत की तैयारी
नेताओं ने बताया कि इस संबंध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और वरिष्ठ नेताओं को अवगत कराने की तैयारी की जा रही है। जल्द ही प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रदेश स्तर पर शिकायत दर्ज कराने की चर्चा भी सामने आ रही है।
कई वरिष्ठ नेताओं को नहीं मिला स्थान
वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं में अवध साहू, अवध मरकाम, केशव चंद्राकर, नरोत्तम ठाकुर, लखन ध्रुव, अब्दुल समद खान, अशोक दीक्षित, रंजीत ठाकुर, दुजराम, त्रिलोचन साहू और बलिराम ठाकुर सहित अनेक पुराने कार्यकर्ताओं को संगठन में स्थान नहीं मिलने पर नाराजगी जताई गई है। नेताओं का कहना है कि ऐसे कर्मठ कार्यकर्ताओं की अनदेखी संगठन के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है।
सामाजिक संतुलन पर भी उठे सवाल
नवगठित जिला कांग्रेस कमेटी में सामाजिक संतुलन को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। नेताओं का आरोप है कि कुर्मी, निषाद और दीवान समाज को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया है, जिससे असंतोष की स्थिति बन गई है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि संगठन में सभी वर्गों और पुराने कार्यकर्ताओं को सम्मानजनक स्थान नहीं दिया गया तो नवगठित जिला कांग्रेस कमेटी को मजबूती से खड़ा करना कठिन हो सकता है। फिलहाल संगठन के भीतर चल रही इस खींचतान को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
There is no ads to display, Please add some
