मैनपुर के गांवों में रणबीर शर्मा का औचक दौरा, फसल-मकान क्षति का तत्काल सर्वे कराने के निर्देश; किसानों से डिजिटल क्रॉप सर्वे की ली जानकारी
गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। मूसलाधार बारिश के बाद मैनपुर विकासखंड के ग्रामीण इलाकों में बने बाढ़ और जलभराव के हालात ने प्रशासन को भी मैदानी स्तर पर उतरने को मजबूर कर दिया। शनिवार को कलेक्टर रणबीर शर्मा ने मैनपुर क्षेत्र के विभिन्न गांवों का औचक निरीक्षण कर खेतों, बाढ़ प्रभावित इलाकों, आश्रम, निर्माणाधीन विद्यालय और पर्यटन स्थल का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को प्रभावित ग्रामीणों तक राहत पहुंचाने के साथ फसल, मकान और अन्य जन-धन की क्षति का सर्वे जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर के दौरे की शुरुआत ग्राम पंचायत गोपालपुर के आश्रित ग्राम साल्हेभाठा से हुई, जहां उन्होंने किसानों के खेतों में पहुंचकर डिजिटल क्रॉप सर्वे की वास्तविक स्थिति देखी। उन्होंने किसानों से सीधे बातचीत कर बोई गई फसल, रकबा और सिंचाई व्यवस्था की जानकारी ली।

मोबाइल में दर्ज हो रहा खेतों का पूरा ब्यौरा
डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत सर्वेयर मोबाइल एप के माध्यम से किसानों के खेत, बोई गई फसल, क्षेत्रफल, जीपीएस लोकेशन और सिंचाई की स्थिति का डिजिटल डाटा दर्ज कर रहे हैं। कलेक्टर ने किसानों से कहा कि वे सर्वेयर को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराएं और सर्वे कार्य में सहयोग करें, ताकि खेतों से जुड़ा रिकॉर्ड सही तरीके से दर्ज किया जा सके।

पैरी उद्गम पहुंचे कलेक्टर, पर्यटन विकास की सुनी मांग
इसके बाद कलेक्टर ने प्रसिद्ध धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थल पैरी उद्गम का निरीक्षण किया। पहाड़ी पर बनी सीढ़ियों से ऊपर पहुंचकर उन्होंने पैरी मंदिर में दर्शन किए और आसपास के क्षेत्र का जायजा लिया।
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इस दौरान भाठीगढ़ राज के प्रमुख हरिशचंद नेगी, आदिवासी समाज के खेदु नेगी, ग्राम पंचायत भाठीगढ़ की सरपंच पुष्पा नेगी सहित स्थानीय लोगों ने पैरी उद्गम के धार्मिक और प्राकृतिक महत्व की जानकारी दी। ग्रामीणों ने बताया कि यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। कलेक्टर ने ग्रामीणों की मांगों और सुझावों को सुना तथा स्थल को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से प्रयास करने की बात कही।

आश्रम में बच्चों से सवाल, जवाब सुनकर बढ़ाया उत्साह
कलेक्टर ने बड़े गोबरा स्थित आदिवासी बालक आश्रम का भी औचक निरीक्षण किया। आश्रम में साफ-सफाई और व्यवस्था संतोषजनक मिलने पर उन्होंने अधीक्षक की सराहना की। इसके बाद उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत की और पढ़ाई-लिखाई तथा सामान्य ज्ञान से जुड़े सवाल पूछे।
बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ सवालों के जवाब दिए। कलेक्टर ने बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए उनसे हाथ मिलाया और मन लगाकर पढ़ाई करने तथा अपने लक्ष्य की दिशा में लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आश्रम में मिलने वाले भोजन और नाश्ते की जानकारी भी ली तथा निर्धारित मेन्यू के अनुसार नियमित भोजन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

रपटा पर पानी, ग्रामीणों को दी सावधानी की सलाह
खोलापारा के रपटा में भारी बारिश के कारण जलभराव की स्थिति का भी कलेक्टर ने जायजा लिया। पानी के ऊपर से आवाजाही में खतरे को देखते हुए उन्होंने ग्रामीणों से स्थिति सामान्य होने तक अनावश्यक रूप से रपटा पार नहीं करने की अपील की।
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इसी दौरान वन विभाग के अधिकारियों ने कलेक्टर को बताया कि आमामोरा और ओढ़ क्षेत्र में हाथियों का झुंड विचरण कर रहा है। कलेक्टर ने वन विभाग के मैदानी अमले को क्षेत्र में सक्रिय रहने और ग्रामीणों को हाथियों की मौजूदगी की जानकारी देने के निर्देश दिए।
बाढ़ प्रभावितों से सीधे सुनी परेशानी
कलेक्टर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर ग्रामीणों से सीधे बातचीत की। उन्होंने जलभराव, आवागमन और बारिश से हुए नुकसान की जानकारी ली। मौके पर मौजूद एसडीएम और तहसीलदार को निर्देशित किया कि बाढ़ से प्रभावित फसल, मकान और अन्य जन-धन की क्षति का तत्काल सर्वे कराया जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सर्वे कार्य में किसी भी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए, ताकि प्रभावित ग्रामीणों को शासन के नियमानुसार राहत एवं मुआवजा का लाभ जल्द मिल सके।
एकलव्य विद्यालय निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
दौरे के दौरान कलेक्टर ने छिंदौला में निर्माणाधीन एकलव्य आदिवासी विद्यालय का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर के इस मैदानी दौरे में अपर कलेक्टर ऋषा ठाकुर, एसडीएम नेहा भेड़िया सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बारिश के बाद मैनपुर क्षेत्र में एक साथ सामने आई बाढ़, जलभराव, फसल क्षति और वन्यजीव गतिविधियों की स्थिति के बीच प्रशासन के इस औचक निरीक्षण को प्रभावित क्षेत्रों में राहत और सर्वे कार्य को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।





