भूषण सेठिया /बीजापुर
जिला पंचायत सदस्य लछुराम मोड़ियाम द्वारा आज ग्राम पंचायत पातरपारा क्षेत्र का सघन दौरा कर विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान शिक्षा व्यवस्था और भवनों की स्थिति बेहद चिंताजनक मिली।
कन्या आश्रम पातर पारा की स्थिति दयनीय –
कन्या आश्रम पातर पारा के निरीक्षण में पाया गया कि आश्रम में कुल 102 बच्चों की दर्ज संख्या है, जिसमें से मौके पर मात्र 37 बच्चे ही उपस्थित मिले। पूरे आश्रम में केवल 1 शिक्षिका उपस्थित मिलीं। आश्रम भवन पूरी तरह से जर्जर स्थिति में है, जगह-जगह से प्लास्टर उखड़ा हुआ है और तत्काल सुधार की आवश्यकता है।
बालक आश्रम में भी यही हाल
इसी प्रकार बालक आश्रम पातारपारा में 70 बच्चों की दर्ज संख्या के विरुद्ध मात्र 26 बच्चे उपस्थित मिले, वहां भी 1 ही शिक्षक उपस्थित मिले। बालक आश्रम भवन भी जर्जर है, साथ ही शौचालय की स्थिति भी अत्यंत खराब है।
मिडिल स्कूल में छात्राएं खुले में शौच को मजबूर –
दौरे के दौरान मिडिल स्कूल पातारपारा का भी निरीक्षण किया गया। यहां शौचालय जर्जर होने के कारण बालिकाओं को खुले में शौच जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। आश्रमों में शिक्षकों की भारी कमी भी सामने आई।
अधिकारियों को फोन पर दी जानकारी –
मौके की गंभीरता को देखते हुए जिला पंचायत सदस्य मोड़ियाम ने तत्काल जिला शिक्षा अधिकारी राजेश पांडे और सहायक आयुक्त देवेंद्र सिंह से फोन पर बात कर पूरे मामले से अवगत कराया और शीघ्र सुधार की मांग की।
विशेष ग्राम सभा में सुनी ग्रामीणों की समस्याएं –
इसी दौरान ग्राम पंचायत पातारपारा में आयोजित विशेष ग्राम सभा में शामिल होकर उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को सुना। उन्होंने ग्राम पंचायत सचिव और सरपंच को निर्देशित किया कि जनता की समस्याओं को शीघ्र शासन-प्रशासन तक पहुंचाया जाए। मोडयामी ने कहा कि सुदूर आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा की ऐसी स्थिति चिंताजनक है और शासन को इस पर तत्काल ध्यान देना चाहिए।
इस दौरे के दौरान उनके साथ सरपंच पोदिया राम हपका, पूर्व सरपंच कलीराम कर्मा पलेवाया, सुकदास हपका, शिवराम उरसा, बचलू हपका, अर्जुन बरसा, गणेश कुंजाम, बुधराम बरसा, अमृत मोड़ियाम, घासी कर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
