राजिम/गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। गरियाबंद जिले के राजिम थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दुतकैया खपरी में रविवार को अचानक भड़की हिंसा ने पूरे इलाके को दहला दिया। वर्षों पुराना विवाद एक बार फिर उभरकर सामने आया और देखते ही देखते गांव का शांत माहौल हिंसा, मारपीट और आगजनी में बदल गया। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को भारी बल के साथ मौके पर पहुंचकर स्थिति नियंत्रित करनी पड़ी। फिलहाल गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

पुराने विवाद की पृष्ठभूमि बनी हिंसा की वजह
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार गांव में तनाव की जड़ वर्ष 2024 की उस घटना से जुड़ी है, जब पुराने तालाब स्थित शिव मंदिर में तोड़फोड़ का मामला सामने आया था। उस समय थाना राजिम में अपराध दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी और एक आरोपी को बाल सुधार गृह भेजा गया था।
हालांकि कानूनी कार्रवाई के बावजूद गांव में दोनों पक्षों के बीच मनमुटाव बना रहा और इसी पुराने विवाद ने रविवार को फिर उग्र रूप ले लिया।
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मामूली विवाद से शुरू हुआ सामूहिक टकराव
बताया जा रहा है कि 1 फरवरी को दोनों पक्षों के लोगों के बीच कहासुनी हुई, जो कुछ ही देर में मारपीट में बदल गई। देखते ही देखते गांव के कई लोग इस विवाद में शामिल हो गए और स्थिति सामूहिक झड़प में तब्दील हो गई।
गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी सुरक्षा के लिए घरों में दुबकने लगे। कई जगहों पर गाली-गलौज, मारपीट और धमकी की घटनाएं सामने आईं।
घरों और वाहनों में तोड़फोड़, आगजनी की घटनाएं
घटना के दौरान उग्र भीड़ आरोपी पक्ष के घरों की ओर बढ़ी और वहां तोड़फोड़ की घटनाएं हुईं। कुछ स्थानों पर आगजनी और संपत्ति नुकसान की भी सूचना है।
मारपीट और लूटपाट से जुड़े मामलों में अलग-अलग शिकायतों के आधार पर थाना राजिम में कई अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस पहुंची तो भड़की भीड़, हालात हुए बेकाबू
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक स्थिति काफी बिगड़ चुकी थी। बड़ी संख्या में लोग एकत्र होकर हंगामा कर रहे थे। पुलिस ने पहले समझाइश देकर भीड़ को शांत करने की कोशिश की, लेकिन भीड़ के उग्र होने से स्थिति नियंत्रण से बाहर जाने लगी।
भीड़ नियंत्रित करने में 7 पुलिस जवान घायल
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को न्यूनतम बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर करना पड़ा। इसी दौरान पुलिस और भीड़ के बीच झड़प हो गई, जिसमें सात पुलिस जवान घायल हो गए।
घायलों में से एक जवान की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसे बेहतर उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया है, जबकि अन्य जवानों का इलाज स्थानीय अस्पताल में जारी है।
ग्रामीण भी घायल, गांव में दहशत का माहौल
झड़प के दौरान दो ग्रामीणों के घायल होने की भी पुष्टि हुई है, जिनका उपचार जारी है। घटना के बाद गांव में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर घरों से बाहर निकलना कम कर दिया है।
पुलिस की कार्रवाई, आरोपियों की तलाश जारी
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कुछ आरोपियों को हिरासत में लिया है, जबकि फरार आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस द्वारा लगातार दबिश दी जा रही है और पूरे गांव में निगरानी बढ़ा दी गई है।
गांव में भारी पुलिस बल तैनात, लगातार गश्त
स्थिति को देखते हुए गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है ताकि किसी भी प्रकार की नई घटना को रोका जा सके। अधिकारियों के अनुसार फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।
प्रशासन की अपील: अफवाहों से बचें, शांति बनाए रखें
प्रशासन ने ग्रामीणों से शांति और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान न दें, क्योंकि इससे माहौल और बिगड़ सकता है।
तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं, प्रशासन सतर्क
हालांकि प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है, लेकिन गांव में तनाव अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। पुलिस और प्रशासन लगातार निगरानी रखे हुए हैं और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सतर्क हैं।
दुतकैया खपरी की यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि पुराने विवादों का समय पर समाधान न होने पर वे किस तरह बड़े संघर्ष का रूप ले सकते हैं। फिलहाल पूरे क्षेत्र की नजरें प्रशासन की कार्रवाई और गांव में शांति बहाली पर टिकी हुई हैं।
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