अधेड़ बेटे और दो पोतियों का सहारा बनीं पांचों बाई कमार, लकड़ी के चूल्हे पर पकता है भोजन; जिम्मेदारों की उदासीनता पर उठे सवाल
छुरा(गंगा प्रकाश)। गरियाबंद जिले के छुरा विकासखंड मुख्यालय से लगभग 12 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत सेमहरा के आश्रित ग्राम छत्तरपुर से विशेष पिछड़ी जनजाति कमार समाज की एक बुजुर्ग महिला की दर्दभरी कहानी सामने आई है। शासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान, सामाजिक सुरक्षा और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अनेक योजनाएं संचालित किए जाने के बावजूद गांव की पांचों बाई कमार आज भी वृद्धावस्था पेंशन और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभ से वंचित बताई जा रही हैं।

ग्रामीणों के अनुसार, पांचों बाई कमार अपने अधेड़ उम्र के बेटे और दो पोतियों के साथ रहती हैं। घर में कोई दूसरी महिला नहीं होने के कारण भोजन बनाने से लेकर चूल्हा-चौका, घर की साफ-सफाई और अन्य घरेलू जिम्मेदारियों का निर्वहन भी उन्हें ही करना पड़ता है। बढ़ती उम्र और कमजोर आर्थिक स्थिति के बावजूद वे प्रतिदिन लकड़ियां एकत्रित कर पारंपरिक चूल्हे पर पूरे परिवार के लिए भोजन तैयार करती हैं। उनका कहना है कि यदि उन्हें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन मिल जाता, तो उनकी परेशानी काफी हद तक कम हो सकती थी।
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ग्रामीणों का कहना है कि पांचों बाई की आर्थिक स्थिति भी बेहद कमजोर है। ऐसे में वृद्धावस्था पेंशन उनके जीवनयापन का एक महत्वपूर्ण सहारा बन सकती है, लेकिन आज तक उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। इससे उनकी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत स्तर पर पात्र हितग्राहियों की जानकारी होने के बावजूद उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में अपेक्षित पहल नहीं की गई। उनका कहना है कि ग्राम पंचायत सचिव से लेकर जनपद पंचायत छुरा तक कई बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आई।
एक ओर शासन विशेष पिछड़ी जनजाति कमार समाज के विकास, सामाजिक सुरक्षा और कल्याण के लिए अनेक योजनाओं के संचालन का दावा करता है, वहीं दूसरी ओर छत्तरपुर जैसे गांव में पात्र हितग्राही आज भी बुनियादी सुविधाओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से वंचित हैं। इससे योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन पर सवाल उठ रहे हैं।
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ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जनपद पंचायत छुरा एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि पांचों बाई कमार के प्रकरण की तत्काल जांच कर यदि वे पात्र पाई जाती हैं तो उन्हें शीघ्र वृद्धावस्था पेंशन एवं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए। साथ ही गांव के अन्य पात्र हितग्राहियों का भी सर्वे कर योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी जरूरतमंद सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे।
पक्ष जानने का किया गया प्रयास
इस संबंध में ग्राम पंचायत सचिव एवं जनपद पंचायत छुरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) से मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया। हालांकि, दोनों अधिकारियों के मोबाइल फोन बंद मिले, जिसके कारण उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।





