Electric vehicles are gaining momentum in India भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की रफ्तार तेज— भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को अपनाने की होड़ मची है, लेकिन बुनियादी ढांचे की कमी अभी भी एक बड़ी बाधा बनी हुई है। भारी उद्योग मंत्रालय के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, 16 दिसंबर 2025 तक देश भर में कुल 29,151 ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा चुके हैं। हालांकि ईवी की बिक्री में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है, लेकिन चार्जिंग पॉइंट्स का वितरण राज्यों के बीच काफी असमान है।

भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की रफ्तार तेज, लेकिन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर अभी भी बड़ी चुनौती

Electric vehicles are gaining momentum in India

फास्ट बनाम स्लो चार्जर: आंकड़ों का विश्लेषण

मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों से पता चलता है कि सरकार का ध्यान फिलहाल स्लो चार्जिंग नेटवर्क को विस्तार देने पर अधिक है। कुल स्थापित स्टेशनों में से केवल 8,805 फास्ट चार्जर हैं, जबकि 20,346 स्लो चार्जर लगाए गए हैं। फास्ट चार्जिंग की कमी हाईवे और लंबी दूरी की यात्रा करने वाले वाहन स्वामियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

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राज्यवार स्थिति: कर्नाटक ने मारी बाजी

ईवी बुनियादी ढांचे के मामले में दक्षिण और पश्चिम भारत के राज्य सबसे आगे हैं। कर्नाटक 6,096 चार्जिंग स्टेशनों के साथ देश में पहले स्थान पर है। इसके बाद महाराष्ट्र 4,166 स्टेशनों के साथ दूसरे और उत्तर प्रदेश 2,316 स्टेशनों के साथ तीसरे स्थान पर बना हुआ है।

प्रमुख राज्यों की सूची:

  • कर्नाटक: 6,096
  • महाराष्ट्र: 4,166
  • उत्तर प्रदेश: 2,316
  • दिल्ली: 1,957
  • तमिलनाडु: 1,780
  • राजस्थान: 1,146

ईवी बिक्री में मामूली बढ़त

रिपोर्ट्स के अनुसार, साल 2025 में भारत में कुल 22.7 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हुई। यह आंकड़ा 2024 की तुलना में मात्र 0.2 फीसदी अधिक है। हालांकि, पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट (ईवी कारों) में ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ी है, जिससे इस श्रेणी में सबसे ज्यादा ग्रोथ दर्ज की गई है। कमर्शियल और टू-व्हीलर सेगमेंट में स्थिरता देखी गई है।

अधिकारियों का रुख और भविष्य की योजनाएं

“हमारा लक्ष्य अगले दो वर्षों में प्रमुख नेशनल हाईवे और शहरों के व्यस्त इलाकों में चार्जिंग घनत्व को दोगुना करना है। फास्ट चार्जिंग स्टेशनों के लिए निजी निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है।”
— भारी उद्योग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी (आंकड़ों पर प्रतिक्रिया देते हुए)

आम नागरिक पर प्रभाव: क्या बदल रहा है?

चार्जिंग स्टेशनों की बढ़ती संख्या से रेंज एंजायटी (बैटरी खत्म होने का डर) कम हो रही है, लेकिन उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में अभी भी ग्रामीण क्षेत्रों और छोटे शहरों में बुनियादी ढांचे की भारी कमी है। यदि आप आने वाले समय में ईवी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अपने शहर और नजदीकी हाईवे पर मौजूद फास्ट चार्जर की उपलब्धता जरूर जांच लें। मंत्रालय आने वाले बजट सत्र में ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए और अधिक सब्सिडी की घोषणा कर सकता है।


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