चार बार ज्ञापन के बाद ग्रामीणों को मिला कार्यवाही का आश्वासन, ग्राम पंचायत ने धारा 55 के तहत जारी किया अंतिम आदेश
राजमन कश्यप
नारायणपुर (गंगा प्रकाश)। ग्राम पंचायत करलखा की शासकीय भूमि पर कथित अवैध अतिक्रमण का मामला अब निर्णायक दौर में पहुंच गया है। अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों द्वारा लगातार तहसील कार्यालय में ज्ञापन सौंपे जाने के बाद ग्राम पंचायत ने अंतिम कार्यवाही के आदेश जारी कर दिए हैं। पंचायत के अनुसार 27 अगस्त 2026 को सुबह 11 बजे शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए जमींदोज कार्यवाही की जाएगी। कार्रवाई के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की मौजूदगी सुनिश्चित कराने हेतु अनुविभागीय दंडाधिकारी नारायणपुर को पत्र भेजकर आवश्यक सहयोग की मांग की गई है।
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मामला ग्राम करलखा के अंतर्गत ग्राम कोलयाभाटा स्थित शासकीय भूमि से जुड़ा है। ग्राम पंचायत के अनुसार खसरा क्रमांक 24/1 की करीब 6 डिसमिल शासकीय भूमि पर कथित रूप से अतिक्रमण किया गया है। इस मामले को लेकर ग्राम पंचायत द्वारा स्थल निरीक्षण किया गया था। इसके बाद 24 जून 2026 को आयोजित ग्राम सभा की बैठक में प्रस्ताव क्रमांक 10 पारित किया गया, जिसके आधार पर संबंधित पक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
ग्राम पंचायत की ओर से जारी नोटिस में अतिक्रमणकर्ता अनिमा रंगाटी पति मनोज रंगाटी, निवासी बीआरसी भवन के सामने बंगलापारा, नारायणपुर को नोटिस प्राप्ति के सात दिवस के भीतर लिखित जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही यदि संबंधित पक्ष का उक्त भूमि पर कोई वैध अधिकार है तो उसके समर्थन में राजस्व अथवा अन्य संबंधित दस्तावेज ग्राम पंचायत के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा गया था।
नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया था कि यदि भूमि पर किसी प्रकार का वैध अधिकार नहीं है तो संबंधित पक्ष स्वयं अतिक्रमण हटाकर शासकीय भूमि को ग्राम पंचायत के कब्जे में खाली एवं कब्जामुक्त करे। निर्धारित अवधि में जवाब नहीं देने अथवा जवाब असंतोषजनक पाए जाने की स्थिति में उपलब्ध अभिलेखों एवं ग्राम सभा के प्रस्ताव के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्यवाही किए जाने की चेतावनी भी दी गई थी।
कार्यवाही की मांग को लेकर चार बार तहसील कार्यालय पहुंचे ग्रामीण
ग्रामीणों का आरोप है कि नोटिस जारी होने के बाद भी अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही में अपेक्षित तेजी नहीं दिखाई गई। इसके बाद ग्राम पंचायत एवं ग्रामीणों की ओर से तहसील कार्यालय नारायणपुर में लगातार ज्ञापन सौंपकर शासकीय भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने की मांग की गई।
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जानकारी के अनुसार 20 जुलाई 2026 को पहली बार तहसीलदार नारायणपुर को ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद भी कार्यवाही नहीं होने पर 31 जुलाई 2026 को पुनः ज्ञापन दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार तीसरे ज्ञापन के बाद तहसीलदार कार्यालय की ओर से ग्राम पंचायत करलखा को कार्यवाही के लिए प्रतिलिपि भेजी गई और पंचायत को नियमानुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
ग्रामीणों का कहना है कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण का मामला होने के बावजूद कार्यवाही को लेकर उन्हें लगातार तहसील कार्यालय और पंचायत के बीच चक्कर लगाने पड़े। इसको लेकर ग्रामीणों ने आपसी चर्चा के बाद एक बार फिर सामूहिक रूप से तहसील कार्यालय पहुंचने का निर्णय लिया।
24 अगस्त को सैकड़ों महिला-पुरुष ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन
इसी क्रम में 24 अगस्त 2026 को ग्राम पंचायत करलखा के महिला एवं पुरुष ग्रामीण बड़ी संख्या में तहसील कार्यालय नारायणपुर पहुंचे और तहसीलदार को चौथी बार ज्ञापन सौंपकर शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग की। ग्रामीणों ने मामले में शीघ्र कार्यवाही की मांग करते हुए कहा कि लंबे समय से अतिक्रमण हटाने की मांग की जा रही है, लेकिन कार्यवाही में देरी के कारण ग्रामीणों में नाराजगी है।
ग्रामीणों के अनुसार तहसीलदार वेद प्रकाश साहू ने उन्हें एक सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्राम पंचायत की ओर से अतिक्रमण हटाने के लिए अंतिम आदेश जारी किया गया।
पंचायती राज अधिनियम की धारा 55 के तहत अंतिम आदेश
ग्राम पंचायत करलखा के अनुसार पूर्व में जारी कारण बताओ नोटिस के बावजूद संबंधित पक्ष की ओर से संतोषजनक जवाब एवं भूमि पर वैध अधिकार से संबंधित पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए। इसके बाद पंचायत ने छत्तीसगढ़ पंचायती राज अधिनियम, 1993 की धारा 55 के तहत शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने का अंतिम आदेश जारी किया है।
आदेश में 27 अगस्त 2026 को सुबह 11 बजे अतिक्रमण स्थल पर जमींदोज कार्यवाही किए जाने का उल्लेख है। पंचायत ने कार्यवाही के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग की उपस्थिति आवश्यक बताते हुए अनुविभागीय दंडाधिकारी, नारायणपुर को पत्र भेजा है।
कार्रवाई के दिन रहेगी प्रशासन की नजर
शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की प्रस्तावित कार्रवाई को लेकर अब ग्रामीणों की निगाह 27 अगस्त पर टिकी हुई है। लगातार ज्ञापन और शिकायतों के बाद पंचायत स्तर से अंतिम आदेश जारी होने के कारण यह मामला अब प्रशासनिक कार्यवाही के चरण में पहुंच गया है।
ग्राम पंचायत करलखा ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने की कार्यवाही नियमानुसार की जाएगी। वहीं प्रस्तावित कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए प्रशासन एवं पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
अब देखना होगा कि 27 अगस्त को निर्धारित समय पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई किस प्रकार संपन्न होती है और शासकीय भूमि को पूरी तरह अतिक्रमणमुक्त कराया जा पाता है या नहीं।
