गरियाबंद/पाण्डुका (गंगा प्रकाश)। पाण्डुका वन परिक्षेत्र में चंदा दल का एक दंतैल हाथी इन दिनों क्षेत्र में विचरण कर रहा है। हाथी की मौजूदगी से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। वन विभाग द्वारा हाथी की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। 9 सितंबर 2026 की वन विभागीय रिपोर्ट के अनुसार दंतैल हाथी पाण्डुका सर्कल के पोंड बीट अंतर्गत कक्ष क्रमांक 70 की चंदली डोंगरी में मौजूद है और फिलहाल अकेले विचरण कर रहा है।
वन विभाग के अनुसार हाथी के विचरण के दौरान क्षेत्र में फसल क्षति की सूचना सामने आई है। हालांकि अभी तक किसी मकान के क्षतिग्रस्त होने, अन्य बड़ी संपत्ति के नुकसान अथवा जनहानि की सूचना नहीं मिली है। इसके बावजूद दंतैल हाथी की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने प्रभावित क्षेत्र के आसपास निगरानी और ग्रामीणों को सतर्क करने का अभियान तेज कर दिया है।
नागझर गांव हाईअलर्ट पर
दंतैल हाथी की गतिविधियों को देखते हुए नागझर गांव को हाईअलर्ट पर रखा गया है। इसके अलावा पोंड, कुकदा, बरेठीनकोना, टुईयामुरा, गांहदर और घटकर्रा गांवों को भी अलर्ट किया गया है। इन गांवों के ग्रामीणों को हाथी की गतिविधियों के संबंध में लगातार जानकारी दी जा रही है।
वन विभाग की टीम हाथी की लोकेशन पर नजर बनाए हुए है। इसके साथ ही हाथी मित्र दल के सदस्य भी क्षेत्र में सक्रिय हैं। टीम द्वारा ग्रामीणों को समझाइश देने के साथ ही हाथी के संभावित आवागमन वाले रास्तों पर निगरानी की जा रही है। वन अमले का प्रयास है कि हाथी और ग्रामीणों के बीच किसी तरह का टकराव न हो तथा किसी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके।
फसल नुकसान से बढ़ी चिंता
दंतैल हाथी के क्षेत्र में पहुंचने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी चिंता खेतों में खड़ी फसल को लेकर है। हाथी के विचरण वाले क्षेत्र से लगे खेतों में फसल नुकसान की स्थिति सामने आने के बाद ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने कहा गया है।
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वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि वे हाथी की मौजूदगी वाले क्षेत्र में अकेले न जाएं और विशेष रूप से शाम एवं रात के समय जंगल तथा खेतों की ओर जाने से बचें। हाथी के अचानक सामने आने की स्थिति में घबराकर उसके नजदीक जाने या उसे भगाने का प्रयास नहीं किया जाए।
हाथी को देखने की कोशिश न करें
वन विभाग ने ग्रामीणों से स्पष्ट अपील की है कि हाथी दिखाई देने पर उसके पास जाकर फोटो या वीडियो बनाने की कोशिश न करें। हाथी को छेड़ने, पत्थर मारने, शोर मचाने अथवा उसे भगाने का प्रयास करना खतरनाक साबित हो सकता है। ग्रामीण सुरक्षित दूरी बनाए रखें और तत्काल आसपास के लोगों को सतर्क करें।
विभाग ने कहा है कि हाथी की गतिविधि की जानकारी मिलने पर इसकी सूचना तत्काल नजदीकी वन कर्मचारी या वन विभाग की टीम को दी जाए, ताकि समय रहते आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था की जा सके।
वन विभाग की टीम लगातार रख रही नजर
पाण्डुका वन परिक्षेत्र में दंतैल हाथी की मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही है। हाथी की दिशा और गतिविधियों पर नजर रखकर आसपास के गांवों को आवश्यकतानुसार अलर्ट किया जा रहा है। हाथी मित्र दल के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक करने और सुरक्षा संबंधी जानकारी देने का काम भी जारी है।
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फिलहाल हाथी के कारण किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, लेकिन फसल क्षति के बाद ग्रामीणों में चिंता जरूर बढ़ी है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, विभाग की सूचना पर भरोसा करें और हाथी प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें। विभाग की प्राथमिकता हाथी और ग्रामीणों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
