
20-25 दिन बाद भी नहीं पूरा हुआ निर्माण, बारिश में कीचड़ और फिसलन से बढ़ा हादसे का खतरा, ठेकेदार की लापरवाही पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
राजमन कश्यप
नारायणपुर(गंगा प्रकाश)। अंतागढ़ से नारायणपुर को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग इन दिनों बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही की मिसाल बना हुआ है। इस मार्ग पर बनाए जा रहे एप्रोच रोड का निर्माण ठेकेदार द्वारा बीच में ही अधूरा छोड़ दिए जाने से पिछले 20 से 25 दिनों से क्षेत्र के हजारों लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

यह मार्ग केवल एक सड़क नहीं, बल्कि आसपास के करीब 20 से 25 गांवों की जीवनरेखा है। रोजाना इस मार्ग से 100 से 200 शिक्षक अपने स्कूलों तक पहुंचते हैं, सैकड़ों विद्यार्थी शिक्षा के लिए आवागमन करते हैं, वहीं ग्रामीण हाट-बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरी कामों के लिए इसी रास्ते पर निर्भर हैं। एप्रोच रोड अधूरा होने से अब इन सभी को मजबूरी में जान जोखिम में डालकर यह हिस्सा पार करना पड़ रहा है।
बारिश में और भयावह हुए हालात

ग्रामीणों का कहना है कि पहले से ही जर्जर इस हिस्से की हालत बारिश के मौसम में और अधिक खतरनाक हो गई है। जगह-जगह गड्ढे, कीचड़ और फिसलन के कारण दोपहिया वाहन चालकों का संतुलन बिगड़ रहा है। कई बार शिक्षक और ग्रामीण गिरकर चोटिल भी हो चुके हैं। पैदल चलने वालों के लिए भी मार्ग पार करना किसी चुनौती से कम नहीं है।
स्थानीय ग्रामीण रामलाल, सुखदेव और अन्य लोगों ने बताया कि सुबह स्कूल जाने वाले शिक्षक और बच्चे सबसे ज्यादा परेशान हैं। बरसात में फिसलकर गिरने का डर हमेशा बना रहता है। रात के समय तो इस मार्ग से गुजरना और भी जोखिम भरा हो जाता है।
ठेकेदार की मनमानी, विभाग मौन
ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित निर्माण एजेंसी और ठेकेदार ने काम को बीच में ही लावारिस छोड़ दिया है। न तो मुरम डाला गया है, न ही समतलीकरण किया गया है। अधूरे निर्माण के कारण बड़े-बड़े गड्ढे और उबड़-खाबड़ सतह हादसों को न्योता दे रही है। शिकायतों के बावजूद अब तक विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
बड़े हादसे की आशंका.
प्रतिदिन सैकड़ों लोगों की आवाजाही वाले इस मार्ग पर किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है। विशेषकर स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन से चलने वाले शिक्षकों को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते एप्रोच रोड को दुरुस्त नहीं किया गया तो कोई अप्रिय घटना घट सकती है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन और ठेकेदार की होगी।
ग्रामीणों की मांग : तुरंत पूरा हो निर्माण
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए एप्रोच रोड का निर्माण तत्काल पूरा कराया जाए। साथ ही ठेकेदार की जवाबदेही तय कर उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
- ग्रामीणों ने कहा कि विकास कार्यों का उद्देश्य जनता को सुविधा देना है, न कि परेशानी। लेकिन यहां लापरवाही का खामियाजा आम लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर भुगतना पड़ रहा है। प्रशासन को चाहिए कि किसी बड़े हादसे का इंतजार किए बिना मार्ग को सुरक्षित और सुगम बनाया जाए, ताकि अंतागढ़-नारायणपुर के बीच आवागमन करने वाले हजारों
लोगों को राहत मिली रहता




