प्रभारी सचिव आर. संगीता ने किया निरीक्षण, महिला समूहों के कार्यों की सराहना
लाखों के वनौषधि उत्पाद विक्रय पर जताई प्रसन्नता, उत्पादन और आय बढ़ाने के दिए निर्देश
गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। जिले के प्रभारी सचिव श्रीमती आर. संगीता ने एक दिवसीय गरियाबंद प्रवास के दौरान गरियाबंद वनमण्डल अंतर्गत ग्राम केशोडार स्थित पीव्हीटीजी वनधन विकास केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होंने केन्द्र में संचालित वनौषधि प्रसंस्करण इकाई का गहन अवलोकन करते हुए महिला स्वसहायता समूहों द्वारा निर्मित विभिन्न औषधीय उत्पादों की गुणवत्ता, उत्पादन प्रक्रिया और विपणन की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर बी.एस. उइके, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर, वनमण्डलाधिकारी शशिगानंदन के., अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र चंद्राकर सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
75 से अधिक महिलाओं को मिल रहा सालभर रोजगार
वनमण्डलाधिकारी शशिगानंदन के. ने जानकारी देते हुए बताया कि वनधन विकास केन्द्र केशोडार में “भूतेश्वरनाथ हर्बल औषधालय” स्वसहायता समूह की 12 नियमित सदस्याओं के अतिरिक्त लगभग 75 महिलाओं को पूरे वर्ष रोजगार प्राप्त हो रहा है। यहां पर 21 से अधिक प्रकार की वनऔषधियों व आयुर्वेदिक उत्पादों का निर्माण किया जा रहा है, जिनकी मांग राज्य सहित अन्य प्रदेशों में भी बढ़ रही है।
94 लाख से अधिक के उत्पादों का विक्रय
समूह की महिलाओं ने प्रभारी सचिव को अवगत कराया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में केन्द्र द्वारा लगभग 94 लाख 60 हजार रुपये मूल्य के वनौषधि उत्पादों का विक्रय किया जा चुका है। इसमें आयुष विभाग द्वारा दिए गए 56 लाख रुपये के शतावरी चूर्ण का बड़ा ऑर्डर भी शामिल है। साथ ही महाविषगर्भ तेल के लिए 56 लाख 17 हजार रुपये का अतिरिक्त ऑर्डर भी प्राप्त हुआ है। वर्तमान में आयुष विभाग से मिले ऑर्डर की आपूर्ति की लागत लगभग 7 लाख 75 हजार रुपये है।
एनडब्ल्यूएफपी मार्ट रायपुर को भी उत्पादों की आपूर्ति की गई, जिसकी कुल राशि 9 लाख 51 हजार रुपये बताई गई।
राष्ट्रीय स्तर पर मिल चुका है सम्मान
वनधन केंद्र के उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण वर्ष 2021 में ट्राइफेड, नई दिल्ली द्वारा छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक विक्रय के लिए प्रथम पुरस्कार एवं मूल्य संवर्धित उत्पाद निर्माण के लिए द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अलावा वर्ष 2024 में समूह की एक महिला सदस्य को गणतंत्र दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू से मिलने का अवसर भी प्राप्त हुआ। साथ ही संसद भवन भ्रमण का अवसर भी मिला।
जनजातीय गौरव दिवस पर बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर बिहार के जमुई में आयोजित राष्ट्रीय कार्यक्रम में भी समूह ने पीव्हीटीजी सदस्य के रूप में अपने उत्पादों का स्टॉल लगाया।
उत्पादन बढ़ाने और आय में वृद्धि के दिए निर्देश
प्रभारी सचिव श्रीमती आर. संगीता ने महिलाओं द्वारा किए जा रहे वनौषधि प्रसंस्करण कार्यों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यह केन्द्र आत्मनिर्भर भारत और महिला सशक्तिकरण की सशक्त मिसाल बन चुका है। उन्होंने महिलाओं को उत्पादन बढ़ाने, नए उत्पाद विकसित करने और बाजार का विस्तार कर अपनी आय में निरंतर वृद्धि करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान महिलाओं ने बताया कि उनके गांव में ही रोजगार उपलब्ध होने से उन्हें बाहर पलायन नहीं करना पड़ता और वे अपने परिवार के साथ रहते हुए सम्मानजनक आजीविका अर्जित कर पा रही हैं।




