छुरा (गंगा प्रकाश)। जिले के बोडराबांधा ग्राम स्थित खुड़ियाडीह मोड़ एक बार फिर सवालों के घेरे में है। बुधवार शाम हुए भीषण सड़क हादसे में जामली निवासी सुनील कुमार साहू (पिता – विश्राम साहू), उम्र लगभग 35 वर्ष की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे को 24 घंटे से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक दुर्घटना में शामिल लोडर वाहन के मालिक और चालक का कोई सुराग नहीं मिला है। यह केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि लापरवाही, कानून की अनदेखी और सिस्टम की ढिलाई की भयावह तस्वीर बनकर सामने आई है।
रोज का रास्ता, आखिरी सफर
सुनील किसी निजी कार्य से छुरा बाजार गए थे। शाम को घर लौटते समय उनकी बाइक खुड़ियाडीह के संकरे और अंधे मोड़ पर सड़क किनारे खड़े एक लोडर से जा टकराई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार लोडर सड़क निर्माण वाहन बिना किसी चेतावनी संकेत के खड़ा था। टक्कर इतनी भीषण थी कि सुनील ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। खबर मिलते ही गांव जामली में मातम छा गया।
नंबर प्लेट नहीं, चालक नहीं — आखिर किसका है लोडर?
जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ—
- लोडर पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी।
- घटना के समय वाहन में कोई चालक मौजूद नहीं था।
- 24 घंटे बाद भी पुलिस को वाहन स्वामी के दस्तावेज नहीं मिले हैं।
- क्या यह वाहन अवैध रूप से चलाया जा रहा था?
- क्या निर्माण कार्य में लगे वाहनों की कोई निगरानी नहीं?
- क्या कानून सिर्फ आम जनता के लिए है?
ये सवाल अब पूरे क्षेत्र में गूंज रहे हैं।
पुलिस का बयान: जल्द होगा खुलासा
घटना की सूचना पर छुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छुरा भेजा गया और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जल्द ही वाहन चालक और मालिक का खुलासा कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदारों से जानकारी जुटाई जा रही है।
कानून की खुली धज्जियां
यह घटना सीधे-सीधे मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की अवहेलना दर्शाती है—
- धारा 39: बिना पंजीकरण वाहन चलाना अपराध।
- केंद्रीय मोटर वाहन नियम 1989, नियम 50: हाई-सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य।
- धारा 177 व 192: नियम उल्लंघन पर दंड।
- आईपीसी धारा 283: सार्वजनिक मार्ग पर खतरा उत्पन्न करने पर सजा।
- आईपीसी धारा 304A: लापरवाही से मृत्यु होने पर आपराधिक मामला।
यदि जांच में लापरवाही सिद्ध होती है, तो संबंधित वाहन स्वामी और चालक पर गैर इरादतन हत्या तक का मामला दर्ज हो सकता है।
ग्रामीणों में गुस्सा
खुड़ियाडीह मोड़ को लोग पहले से खतरनाक मोड़ कहते हैं। यहां न पर्याप्त रोशनी है, न चेतावनी बोर्ड, न स्पीड ब्रेकर। ग्रामीणों का कहना है कि भारी वाहन अक्सर सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं और प्रशासन मौन रहता है।
ग्रामीणों ने मांग की है—
- मोड़ पर तुरंत चेतावनी संकेतक और रिफ्लेक्टर लगाए जाएं।
- भारी वाहनों की मनमानी पार्किंग पर सख्त रोक लगे।
- बिना नंबर प्लेट वाले वाहनों पर विशेष अभियान चलाया जाए।
एक परिवार उजड़ा, जवाबदेही कब तय होगी?
सुनील साहू की असमय मौत ने एक परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिजन सवाल कर रहे हैं— अगर वाहन पर नंबर प्लेट होती, अगर चालक मौजूद होता, अगर चेतावनी बोर्ड लगा होता, तो क्या आज हमारा बेटा जिंदा होता?
24 घंटे बीत गए हैं। जांच जारी है। पुलिस आश्वासन दे रही है कि जल्द खुलासा होगा।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है— क्या इस हादसे से सिस्टम जागेगा, या यह भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
प्रकरण दर्ज — पुलिस जांच जारी, जल्द बड़े खुलासे की उम्मीद
https://www.facebook.com/share/1AgrGj1aqQ/
There is no ads to display, Please add some
