Korba Police , कोरबा। जिले में बढ़ती बाइक चोरी की घटनाओं के बीच पुलिस ने एक ऐसे आरोपित को गिरफ्तार किया है, जिसने न केवल कानून की रक्षा की जिम्मेदारी निभाई थी, बल्कि बर्खास्तगी के बाद खुद कानून तोड़ने के रास्ते पर चल पड़ा। कोरबा पुलिस ने मंगलवार को चोरी की कई वारदातों का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को हिरासत में लिया है, जिनमें से एक जिला पुलिस बल का बर्खास्त आरक्षक निकला।
कैसे बेनकाब हुआ मामला?
हाल के दिनों में कोरबा शहर और आसपास के इलाकों में लगातार बाइक चोरी की घटनाएँ सामने आ रही थीं। पुलिस टीम ने इन मामलों की गहराई से जांच शुरू की और कुछ सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। जब पुलिस ने आरोपियों को पकड़ा और पूछताछ की, तो मामला हैरान करने वाला निकला—चोरी का मास्टरमाइंड वही व्यक्ति था, जिसने कभी पुलिस वर्दी पहनकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाई थी।
4 चोरी की बाइक बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से कुल 4 चोरी की मोटरसायकलें बरामद की हैं। बताया जा रहा है कि बर्खास्त आरक्षक अपने साथी के साथ मिलकर सुनसान इलाकों में खड़ी बाइक निशाना बनाता था। दोनों बाइक चोरी कर उन्हें सस्ते में बेचते थे या पुर्जों में बदल देते थे।
पूछताछ में जुटी पुलिस
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ लगातार जारी है। आशंका है कि इस गिरोह ने शहर में कई और चोरी की वारदातें की होंगी। पुलिस अब चोरी की अन्य घटनाओं के तार भी इन आरोपियों से जोड़ने का प्रयास कर रही है।
बर्खास्तगी के बाद जुड़ा अपराध से
सूत्रों के अनुसार, आरोपी आरक्षक को अनुशासनहीनता और अनियमितताओं के चलते कुछ समय पहले ही पुलिस सेवा से बर्खास्त किया गया था। नौकरी जाने के बाद उसने आर्थिक तंगी का हवाला देकर चोरी को आसान रास्ता माना और अपने साथी के साथ मिलकर बाइक चोरी को ही आय का जरिया बना लिया।
स्थानीय लोगों में राहत
इस गिरफ्तारी के बाद शहरवासियों ने राहत की सांस ली है। बाइक चोरी की वारदातों से परेशान लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि अन्य मामलों में भी पुलिस को जल्द सफलता मिलेगी।कोरबा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराध करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह पुलिस विभाग का पूर्व सदस्य ही क्यों न हो।
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