आयुर्वेद चिकित्सा व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने पर मंथन, अधिकारियों की मांगों पर सकारात्मक पहल का आश्वासन

रायपुर (गंगा प्रकाश)। राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ आयुर्वेद अधिकारी संघ के प्रांतीय प्रतिनिधि सम्मेलन का भव्य एवं गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों, प्रांतीय प्रतिनिधियों एवं आयुष विभाग से जुड़े पदाधिकारियों ने सहभागिता की। सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल उपस्थित रहे। वहीं रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा तथा अभनपुर विधायक इंद्रकुमार साहू ने भी कार्यक्रम में विशेष उपस्थिति दर्ज कराई।

सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में आयुर्वेद चिकित्सा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, आधुनिक, प्रभावी एवं जनसुलभ बनाने के साथ-साथ आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों की समस्याओं एवं सुझावों पर गंभीरतापूर्वक विचार करना रहा। कार्यक्रम के दौरान आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति के संरक्षण, प्रचार-प्रसार तथा नई तकनीकों एवं आधुनिक अनुसंधान से जोड़कर इसे और अधिक उपयोगी बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई।

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि आयुर्वेद केवल एक चिकित्सा पद्धति नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में लोग प्राकृतिक चिकित्सा और पारंपरिक उपचार पद्धतियों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं, ऐसे में आयुर्वेद की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। राज्य सरकार आयुष विभाग को मजबूत करने तथा ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

सम्मेलन में ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित आयुर्वेद औषधालयों की स्थिति सुधारने, आवश्यक दवाओं की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने, चिकित्सकीय संसाधनों में वृद्धि तथा आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। इसके अलावा आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों के कार्य परिस्थितियों, सेवा सुविधाओं एवं प्रशासनिक समस्याओं को लेकर भी विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ आयुर्वेद अधिकारी संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. गदाधर पांडा ने आयुर्वेद संविदा चिकित्सा अधिकारियों के नियमितीकरण, वेतन वृद्धि तथा नियमित आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारियों के लिए चार स्तरीय वेतनमान लागू करने की मांग प्रमुखता से रखी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित संसाधनों के बीच आयुर्वेद अधिकारी लगातार जनसेवा कर रहे हैं, इसलिए उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान आवश्यक है।

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स्वास्थ्य मंत्री एवं उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने संघ की मांगों एवं सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए मुख्यमंत्री से चर्चा कर समस्याओं के समाधान हेतु सकारात्मक पहल करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आयुष विभाग के विकास एवं आयुर्वेद चिकित्सा प्रणाली को जन-जन तक पहुंचाने के लिए सरकार हरसंभव कदम उठाएगी।

सम्मेलन में प्रदेशभर से आए प्रतिनिधियों ने आयुर्वेद चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए अपने सुझाव भी साझा किए।कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया तथा स्वास्थ्य मंत्री एवं जनप्रतिनिधियों के सकारात्मक सहयोग के लिए संघ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने आभार व्यक्त किया।

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