गुंगे दिव्यांग युवक सहित दोनों को छुरा से गरियाबंद रेफर, अज्ञात हमलावरों की तलाश में जुटी पुलिस
छुरा/गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। विकासखंड छुरा के अंतिम वनांचल क्षेत्र स्थित ग्राम बम्हनी (कोसमी) में आयोजित भीमसेनी एकादशी मेले के दौरान देर रात हुई चाकूबाजी की घटना से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन के बीच दो अज्ञात युवकों ने ग्राम नावाडीही के दो सगे भाइयों पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मेला परिसर में अफरा-तफरी मच गई, जबकि आरोपी अंधेरे और भीड़ का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।


जानकारी के अनुसार घटना शुक्रवार तड़के करीब 1 से 2 बजे के बीच हुई। ग्राम नावाडीही निवासी दोनों भाई मेले में घूमने और झूला झूलने के बाद झूले के समीप कुछ देर आराम कर रहे थे। इसी दौरान दो अज्ञात युवक वहां पहुंचे और बिना किसी पूर्व विवाद के उन पर अचानक चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले से दोनों युवक लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें संभाला और उपचार की व्यवस्था शुरू की।
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ग्रामीणों ने पहले 108 एंबुलेंस सेवा से संपर्क किया, लेकिन समय पर वाहन उपलब्ध नहीं होने पर 112 पुलिस सहायता सेवा को सूचना दी गई। पुलिस की मदद से दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छुरा पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल गरियाबंद रेफर कर दिया गया।
घायलों में 20 वर्षीय ओमकार जगत शामिल है, जिसके पेट, पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। वहीं उसका 17 वर्षीय नाबालिग भाई भी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसके कमर सहित शरीर के कई हिस्सों में चाकू के घाव बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार गंभीर रूप से घायल नाबालिग गुंगा दिव्यांग है, जिसके कारण वह अपना पक्ष भी स्पष्ट रूप से नहीं रख सकता। इस घटना ने क्षेत्र के लोगों को भावुक कर दिया है और परिजन गहरे सदमे में हैं।

घटना के बाद मेले में मौजूद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वारदात से पहले कुछ संदिग्ध युवक लोगों से कथित रूप से नशा सामग्री की मांग करते देखे गए थे। हालांकि इस संबंध में किसी भी स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस इसे जांच का विषय मान रही है। फिलहाल घटना के पीछे की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
भीमसेनी एकादशी का मेला क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन माना जाता है, जहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु और ग्रामीण पहुंचते हैं। ऐसे शांतिपूर्ण आयोजन में हुई चाकूबाजी की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से आयोजित हो रहे इस मेले में इस प्रकार की गंभीर वारदात पहली बार देखने को मिली है।
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घटना के बाद ग्रामीणों में हमलावरों की पहचान को लेकर भी चर्चा बनी हुई है। घायल युवक ग्राम नावाडीही के निवासी हैं, जबकि हमलावर कौन थे और किस गांव से आए थे, इसका अब तक पता नहीं चल सका है। पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों और अन्य लोगों से पूछताछ कर आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है।
पुलिस का पक्ष
पुलिस के अनुसार घटना की सूचना मिलते ही जांच शुरू कर दी गई है। घायलों, परिजनों तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान लिए जा रहे हैं। मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और हमलावरों की पहचान कर उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।





