तीन साल पहले करीब 6 करोड़ रुपये की मिली थी स्वीकृति, सर्वे के बाद भी शुरू नहीं हुआ निर्माण बारिश में बढ़ जाता है खतरा, बच्चों की पढ़ाई भी हो रही प्रभावित
गरियाबंद(गंगा प्रकाश)। जिला मुख्यालय से दूर ग्राम जंगल धवलपुर के आश्रित गांव जरण्डीह के ग्रामीण आज भी एक अदद पुल की बाट जोह रहे हैं। बाकड़ी नदी पर पुल नहीं होने के कारण ग्रामीणों को बारिश के मौसम में जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद आवागमन की स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से पुल निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है।
सबसे चिंताजनक स्थिति तब निर्मित होती है, जब नदी में पानी बढ़ जाता है। आवागमन का कोई सुरक्षित साधन नहीं होने के कारण ग्रामीण ट्यूब के सहारे बाकड़ी नदी पार करने को मजबूर हैं। नदी की तेज धार के बीच इस तरह आवागमन करना कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकता है। इसके बावजूद ग्रामीणों की इस समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है।

स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर भी पड़ रहा असर
बाकड़ी नदी के कारण सबसे अधिक परेशानी स्कूली छात्र-छात्राओं को उठानी पड़ रही है। बारिश के दिनों में नदी पार कर स्कूल जाना उनके लिए किसी जोखिम से कम नहीं है। ऐसे में कई अभिभावक अपने बच्चों को धवलपुर और आसपास के गांवों में रिश्तेदारों के यहां अस्थायी रूप से रखकर पढ़ाई जारी रखने की व्यवस्था करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पुल नहीं होने के कारण बच्चों की शिक्षा भी प्रभावित हो रही है।
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2014 में नदी में डूबने से छात्र की हो चुकी है मौत
ग्रामीणों के अनुसार बाकड़ी नदी का यह रास्ता पहले भी एक जान ले चुका है। वर्ष 2014 में नदी पार करने के दौरान एक छात्र की डूबने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद भी नदी पर स्थायी पुल निर्माण की समस्या का समाधान नहीं हो सका। ग्रामीणों का कहना है कि हर बारिश में उन्हें उसी खतरे के बीच नदी पार करनी पड़ती है और किसी अनहोनी की आशंका बनी रहती है।

6 करोड़ की स्वीकृति के बाद भी नहीं बदली तस्वीर
जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में बाकड़ी नदी पर पुल निर्माण के लिए करीब 6 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली थी। बताया जाता है कि पुल निर्माण को लेकर सर्वे का काम भी पूरा किया गया था। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि अब जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा और वर्षों पुरानी समस्या का समाधान हो जाएगा। लेकिन स्वीकृति और सर्वे के बाद भी धरातल पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।
तीन साल बीत जाने के बाद भी पुल निर्माण की दिशा में ठोस प्रगति नहीं होने से ग्रामीणों में निराशा है। उनका कहना है कि जब पुल निर्माण के लिए राशि स्वीकृत हो चुकी है और सर्वे भी कराया जा चुका है, तो आखिर निर्माण कार्य शुरू होने में देरी क्यों हो रही है, यह समझ से परे है।
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ग्रामीणों ने जल्द निर्माण शुरू कराने की मांग की
जरण्डीह के ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से बाकड़ी नदी पर स्वीकृत पुल का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल बनने से न केवल जरण्डीह बल्कि आसपास के क्षेत्र के लोगों को भी सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिलेगी। खासकर स्कूली बच्चों को बारिश के दौरान नदी पार करने के जोखिम से मुक्ति मिलेगी।
ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वीकृत पुल निर्माण की वर्तमान स्थिति स्पष्ट करे और यदि किसी तकनीकी, प्रशासनिक अथवा अन्य कारण से कार्य लंबित है तो उसे तत्काल दूर कर निर्माण शुरू कराया जाए। वर्षों से नदी पर पुल का इंतजार कर रहे ग्रामीण अब ट्यूब के सहारे जान जोखिम में डालकर आवागमन करने की मजबूरी से स्थायी राहत चाहते हैं।





