तेलीगुड़ा और पूर्व सरपंच पारा के रास्ते बदहाल, शनिवार के साप्ताहिक बाजार में भी परेशानी; ग्रामीणों ने की तत्काल मरम्मत की मांग
बकावंड (गंगा प्रकाश)। बारिश ने ग्राम पंचायत छोटेदेवड़ा 01 के पारा-मोहल्लों की सड़कों की हालत बिगाड़ दी है। तेलीगुड़ा पारा और पूर्व सरपंच पारा के समीप रास्तों पर कीचड़ और जलभराव के कारण ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया है। सड़क की बदहाल स्थिति के चलते पैदल राहगीरों के साथ दोपहिया वाहन चालकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दौरान सड़क पर मुरुम अथवा गिट्टी डालकर तत्काल राहत दी जा सकती है, लेकिन अब तक इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।

बारिश में रास्ता बना परेशानी का सबब
तेलीगुड़ा पारा की ओर जाने वाले मार्ग पर जगह-जगह कीचड़ जमा है। लगातार बारिश के कारण मिट्टी नरम होने से रास्ते पर फिसलन बढ़ गई है। ग्रामीणों के मुताबिक छोटे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को इस मार्ग से गुजरने में विशेष परेशानी हो रही है। दोपहिया वाहन चालकों को भी फिसलने का खतरा बना रहता है।
पूर्व सरपंच पारा के समीप भी सड़क की स्थिति कुछ अलग नहीं है। यहां बारिश का पानी जमा होने से रास्ता कीचड़ में तब्दील हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण हर बारिश में समस्या दोहराती है।
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साप्ताहिक बाजार में बढ़ती है परेशानी
छोटेदेवड़ा में प्रत्येक शनिवार को साप्ताहिक बाजार लगता है। बाजार में आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचते हैं। ऐसे में बाजार तक पहुंचने वाले रास्तों में कीचड़ और जलभराव के कारण लोगों की परेशानी बढ़ जाती है।
ग्रामीणों के अनुसार खराब रास्तों के कारण कई बार लोगों को वैकल्पिक रास्तों का सहारा लेना पड़ता है। वहीं किसानों और छोटे व्यापारियों को भी सामान लाने-ले जाने में दिक्कत होती है।

जलभराव से मच्छरों का खतरा
सड़क की बदहाली के साथ जलभराव और साफ-सफाई की समस्या भी चिंता का विषय बनी हुई है। जगह-जगह पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका है। ग्रामीणों ने संबंधित जिम्मेदारों से जल निकासी और साफ-सफाई की व्यवस्था कराने की मांग की है।
विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों में चर्चा
स्थानीय स्तर पर राजनीतिक सक्रियता के बीच ग्रामीणों में यह चर्चा भी है कि राजनीतिक मतभेदों के कारण कहीं विकास कार्य प्रभावित तो नहीं हो रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े कार्यों को राजनीतिक मतभेदों से अलग रखते हुए प्राथमिकता के साथ कराया जाना चाहिए।
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पहले अस्थायी, फिर स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि बारिश के दौरान तत्काल राहत के लिए खराब रास्तों पर मुरुम या गिट्टी डाली जाए। इसके बाद सड़क का स्थायी निर्माण और जल निकासी की समुचित व्यवस्था कराई जाए, ताकि हर साल बारिश में ग्रामीणों को इसी समस्या का सामना न करना पड़े।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति का असर रोजमर्रा के आवागमन के साथ-साथ बाजार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच पर भी पड़ रहा है। ऐसे में संबंधित विभाग को मौके का निरीक्षण कर समस्या का जल्द निराकरण करना चाहिए।





