भ्रष्टाचार के दलदल: कब होगी बड़ी कार्रवाई? सचिवों के चल रहे अनिश्चित्कालीन हड़ताल के दौरान लाखों के गबन की गहरी साजिश…

 

रायपुर/रायगढ़(गंगा प्रकाश)।जिले के लैलूंगा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत बसंतपुर में 17 लाख रुपये के घोटाले का मामला आग की तरह फैल चुका है! जनता के टैक्स के पैसों की सरेआम लूट से पूरा इलाका सुलग उठा है। इस महाघोटाले के पीछे पंचायत सचिव, नव-निर्वाचित सरपंच, जनपद ऑपरेटर और ठेकेदार की गहरी साजिश सामने आई है। पंचायत फंड को ठिकाने लगाने के लिए फर्जी आहरण, बिना प्रस्ताव के भुगतान और सरकारी तंत्र की नाक के नीचे खेला गया घोटाला अब उजागर हो चुका है।

जनपद अध्यक्ष की दो-टूक चेतावनी :

 घोटाले के सामने आते ही जनपद अध्यक्ष श्रीमती ज्योति भगत का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने प्रशासन को साफ शब्दों में खुली चेतावनी दी है- “जो भी इस लूट में शामिल है, चाहे वह कोई भी हो, उसे किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा! अगर प्रशासन ने जल्द कार्रवाई नहीं की, तो यह मामला सीधे उच्च स्तर तक जाएगा।”

जनपद उपाध्यक्ष गरजे – “यह घोटाला नहीं, सरकार के पैसे की खुली लूट है!” :

जनपद उपाध्यक्ष मनोज अग्रवाल (सुक्खन) ने भी मामले पर तीखा हमला बोलते हुए इसे “सुनियोजित सरकारी डकैती” करार दिया। उन्होंने कहा- “अगर अभी कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे क्षेत्र की पंचायतों में इसी तरह लूट मच जाएगी! यह सिर्फ गलती नहीं, बल्कि गहरी साजिश है, जिसमें कई बड़े नाम भी शामिल हो सकते हैं!

सरपंच ने खुद को बताया निर्दोष, लेकिन शक गहराया :

ग्राम पंचायत बसंतपुर के सरपंच ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने खुद इस घोटाले की जांच की मांग की है। उन्होंने बयान जारी कर कहा – *”मैं भ्रष्टाचारियों के साथ नहीं हूं! मैंने खुद कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ को पत्र लिखकर जांच की मांग की है।”*

लेकिन सवाल उठता है-अगर सरपंच खुद निर्दोष हैं, तो घोटाले की भनक तक क्यों नहीं लगी? क्या उन्हें इसकी जानकारी पहले से थी?

हड़ताल के दौरान लाखों के गबन की गहरी साजिश? :

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस घोटाले को सचिवों के चल रहे अनिश्चित्कालीन हड़ताल के दौरान अंजाम दिया गया, जब अधिकांश सरकारी कामकाज ठप था। जानकारों का कहना है कि योजना पहले से ही तैयार थी, बस मौका मिलते ही 17 लाख रुपये हड़प लिए गए!

कैसे हुआ फर्जीवाड़ा? जानें पूरे खेल की असली सच्चाई :

ग्राम पंचायतों में बिना ग्रामसभा और प्रस्ताव के किसी भी पैसे की निकासी नहीं हो सकती। लेकिन इस घोटाले में-

बिना बैठक के लाखों रुपये गुपचुप निकाल लिए गए!

 सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत की बू आ रही है!

जनपद ऑपरेटर की भूमिका संदिग्ध, क्या हुआ पैसों का बंदरबांट?

अब प्रशासन के सामने बड़ा सवाल—दोषियों पर कार्रवाई होगी या मामला दबा दिया जाएगा? :

 अब सबकी नजरें प्रशासन पर टिकी हैं-क्या इस घोटाले के दोषियों पर तगड़ी कार्रवाई होगी, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? अगर जांच में ढिलाई हुई, तो यह पूरे क्षेत्र में भ्रष्टाचार को लाइसेंस देने जैसा होगा!

आगे क्या होगा? कौन फंसेगा और किसे मिलेगी राहत? :

अब देखना होगा कि प्रशासन इस महाघोटाले में किसे बचाता है और किसे फंसाता है! जनता की निगाहें टिकी हैं- क्या दोषियों को जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा या फिर यह मामला भी राजनीतिक दबाव में दफना दिया जाएगा?


There is no ads to display, Please add some
WhatsApp Facebook 0 Twitter 0 0Shares
Share.

About Us

Chif Editor – Prakash Kumar yadav

Founder – Gangaprakash

Contact us

📍 Address:
Ward No. 12, Jhulelal Para, Chhura, District Gariyaband (C.G.) – 493996

📞 Mobile: +91-95891 54969
📧 Email: gangaprakashnews@gmail.com
🌐 Website: www.gangaprakash.com

🆔 RNI No.: CHHHIN/2022/83766
🆔 UDYAM No.: CG-25-0001205

Disclaimer

गंगा प्रकाश छत्तीसगढ के गरियाबंद जिले छुरा(न.प.) से दैनिक समाचार पत्रिका/वेब पोर्टल है। गंगा प्रकाश का उद्देश्य सच्ची खबरों को पाठकों तक पहुंचाने का है। जिसके लिए अनुभवी संवाददाताओं की टीम हमारे साथ जुड़कर कार्य कर रही है। समाचार पत्र/वेब पोर्टल में प्रकाशित समाचार, लेख, विज्ञापन संवाददाताओं द्वारा लिखी कलम व संकलन कर्ता के है। इसके लिए प्रकाशक, मुद्रक, स्वामी, संपादक की कोई जवाबदारी नहीं है। न्यायिक क्षेत्र गरियाबंद जिला है।

Ganga Prakash Copyright © 2025. Designed by Nimble Technology

You cannot copy content of this page

WhatsApp us

Exit mobile version