केंद्रीय बजट का विश्लेषण

बिना किसी लोकलुभावन घोषणाओं के नारी शक्ति, युवा शक्ति, गरीब जनता और किसानों पर केंद्रित,केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने साल 2024 के अंतरिम बजट पेश कर दिया है।इस मिनी बजट से देशवासियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीदें थीं। लेकिन,केंद्र सरकार ने अंतरिम बजट की परंपरा के मुताबिक ऐसी कोई बड़ी घोषणा नहीं की है।आम टैक्स पेयर्स को कोई राहत नहीं मिली है।सरकार ने टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया है।वित्त मंत्री ने संसद के संयुक्त सदन में 57 मिनट का अंतरिम बजट भाषण दिया।इसमें मोदी सरकार की 10 साल की उपलब्धियां गिनाईं।वित्त मंत्री ने सुबह 11:01 बजे से बजट भाषण शुरू किया और 57 मिनट बाद 11:58 बजे खत्म किया।इस बजट में महिलाओं,युवाओं,किसानों, बुजुर्गों और ग्रामीणों को ध्यान में रखते हुए कई कल्याणकारी योजनाओं का एलान किया गया है।बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना से 38 लाख किसानों को फायदा मिलेगा और 10 लाख रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे। उपज के बाद होने वाले नुकसान को रोकने के लिए भी योजनाओं पर काम हो रहा है।कृषि उपज होने के बाद की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की भागीदारी मजबूत किया जाएगा।आत्मनिर्भर तेल बीज अभियान को मजबूत किया जाएगा।इसके तहत कृषि की नई प्रौद्योगिकी और कृषि बीमा को बढ़ावा दिया जाएगा।डेयरी से जुड़े किसानों की भी मदद की जाएगी।जिसके लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं।मत्स्य संपदा को भी मजबूत किया जा रहा है।सी-फूड का उत्पादन दोगुना है।मत्स्य संपदा योजना के जरिए उत्पादकता को तीन से बढ़ाकर पांच टन प्रति हेक्टेयर किया जाएगा।रोजगार के 55 लाख नए अवसरों को उत्पन्न किया जाएगा।पांच समेकित एक्वा पार्क बनाए जाएंगे।पिछले बजट में केंद्र सरकार ने महिला सशक्तिकरण के लिए महिला सम्मान बचत सर्टिफिकेट योजना की शुरुआत की थी।यह योजना मार्च 2025 तक उपलब्ध है और इसमें महिलाओं या लड़कियों के नाम पर दो साल के लिए अधिकतम दो लाख रुपये 7 प्रतिशत की ब्याज दर पर जमा किए जा सकते हैं।दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बनाए गए महिलाओं के 81 लाख सेल्फ हेल्प ग्रुप को आर्थिक रूप से और सशक्त करने का एलान किया गया है।जिसके तहत इन सेल्फ हेल्प ग्रुप्स को मिलाकर उन्हें कच्चा माल मुहैया कराकर और उन्हें डिजाइन,क्वालिटी,ब्रांडिंग और मार्केटिंग की ट्रेनिंग देकर इन्हें प्रोड्यूसर एंटरप्राइजेज के तौर पर विकसित करने का एलान किया गया था।पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश की तीन करोड़ महिला किसानों के बैंक खातों में 54 हजार करोड़ रुपये डाले गए।महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के बजट में वित्तीय वर्ष 2022-23 की तुलना में 267 करोड़ रुपये ज्यादा कुल 25,448 करोड़ रुपये आवंटित किए गया था।लिंगानुपात को बेहतर करने के लिए 2,23,219 करोड़ रुपये आवंटित किए गया है।सरकार ने पिछले बजट में किसान वर्ग के लिए एग्रीकल्चर एक्सीलेटर फंड बनाने का एलान किया था।जिसके ग्रामीण इलाकों में कृषि आधारित स्टार्टअप को बढ़ावा दिया जा रहा है।भारत को श्री अन्न का ग्लोबल हब बनाने के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मिलेट रिसर्च,हैदराबाद में रिसर्च को बढ़ावा दिया जा रहा है।पशुपालन,डेयरी और मतस्य पालन के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के कृषि क्रेडिट का एलान किया गया था।साथ ही पीएम मतस्य संपदा योजना के तहत छह हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य तय किया गया था। इसमें मछुआरों,मछली वेंडर्स और मछली पालन से जुड़े छोटे और मध्यम बिजनेस और सप्लाई चेन को बढ़ाने में मदद की जाएगी।पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत देश के 11.4 करोड़ किसानों के खातों में 2.2 लाख करोड़ रुपये जमा किए गए थे।कृषि तकनीक आधारित और कृषि स्टार्ट अप को बढ़ावा देने और विकास के लिए डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर एग्रीकल्चर का गठन किया गया।देश में 63 हजार प्राइमरी एग्रीकल्चरल क्रेडिट सोसाइटीज को 2516 करोड़ रुपये से कंप्यूटराइज्ड किया जा रहा है। किसानों के लिए बड़े पैमाने पर विकेंद्रीकृत स्टोरेज क्षमता का निर्माण किया जा रहा है।गोबरधन योजना के तहत 500 नए वेस्ट टु वेल्थ बायोगैस प्लांट बनाने का एलान किया गया था।इसके लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था।मनरेगा योजना के तहत 25 हजार करोड़ रुपये के बजट का एलान किया गया।साथ ही सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण,नेशनल हेल्थ प्रोग्राम और समग्र शिक्षा योजना और समर्थ योजना और स्वच्छ भारत मिशन के तहत 45 हजार करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।एक करोड़ किसानों को अगले तीन सालों में जैविक खेती अपनाने के लिए 10 हजार बायो इनपुट रिसोर्स सेंटर बनाने का एलान हुआ था।वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए घोषित बजट में वरिष्ठ नागरिकों के लिए वरिष्ठ नागरिक बचत योजना के तहत अधिकतम जमा सीमा को 15 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया।साथ ही सीनियर सिटिजन सेविंग स्कीम में ब्याज दर को 7.6 प्रतिशत से बढ़ाकर 8 प्रतिशत किया गया था।सरकार ने किसी तरह की घोषणाएं करने से परहेज किया है।हालांकि कॉर्पोरेट टैक्स घटाकर 22 प्रतिशत कर दिया है।पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 3 करोड़ घर बनाने का काम पूरा हुआ।2 करोड़ घर अगले 5 साल में और बनाए जाएंगे।4 करोड़ किसानों को पीएम फसल योजना का लाभ मिला है। इनकम टैक्स में कोई बदलाव नहीं।1 करोड़ टैक्स पेयर्स को मिलेगा फायदा।कृषि जलवायु क्षेत्रों में विभिन्न फसलों पर नैनो डीएपी का प्रयोग किया जाएगा।यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और आराम के लिए 40,000 सामान्य रेलवे बोगियों को वंदे भारत मानकों में परिवर्तित किया जाएगा।प्रधानमंत्री आवास योजना में दो करोड़ घर और बनेंगे।प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अगले 5 साल में ग्रामीण इलाकों में दो करोड़ और घर बनाए जाएंगे।हर महीने 300 यूनिट बिजली फ्री दी जाएगी।तीन रेल कॉरिडोर शुरू किए जाएंगे।40 हजार नॉर्मल रेल डिब्बों को वंदे भारत में बदला जाएगा।महिलाओं की उद्यमशीलता 28 प्रतिशत बढ़ी। देश में 1000 से ज्‍यादा नए एयरक्राफ्ट का ऑर्डर दिया गया। तीन नए रेल कॉरिडोर बनाए जाएंगे।चार करोड़ किसानों को फसल बीमा का फायदा मिला। सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम के लिए 9-14 साल की बच्चियों का टीकाकरण होगा।आयुष्मान भारत का फायदा अब सभी आशा वर्कर्स,आंगनवाड़ी वर्कर्स को मिलेगा।सरकार 3 करोड़ मकानों के लक्ष्य के करीब।अगले 5 सालों में दो करोड़ अतिरिक्त मकानों का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।गरीबों को सशक्त करने का काम किया जाएगा।सरकार की योजनाओं से गरीबी कम हुई है।किसान हमारे अन्नदाता हैं।किसान सम्मान योजना के तहत वित्तीय सहायता दी जाती है।किसानों को कई तरह का समर्थन दिया जा रहा है।युवाओं को सशक्त किया जाएगा।राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बदलाव हुआ है।बच्चों के विकास के लिए अच्छी शिक्षा दिया जाएगा।सबका साथ,सबका विकास मंत्र के साथ सरकार ने चुनौतियों पर काबू पाया और अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिली।वित्तमंत्री।11.8 करोड़ किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिला है।4 करोड़ से अधिक किसानों को फसल बीमा योजना का फायदा मिला है।पीएम किसान संपदा योजना से 38 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं।2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रख कर बजट बनाया गया है।


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