गंगा प्रकाश न्यूज
रिपोर्ट: ओ. पी. साहू | प्रबंध संपादक
जगदलपुर। एनएमडीसी द्वारा किए गए वादों को पूरा नहीं करने और कथित अनियमितताओं के विरोध में बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को एनएमडीसी गेट के सामने एकदिवसीय जोरदार धरना प्रदर्शन किया। धरने का नेतृत्व शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने किया।
धरना स्थल पर कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि एनएमडीसी की वादा खिलाफी अब कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि 300 करोड़ रुपये की टेंडर प्रक्रिया में नियमों को दरकिनार कर योग्य कंपनियों को बाहर किया गया और निविदा शर्तों में अचानक बदलाव कर एक विशेष कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। इस संबंध में पूर्व में एनएमडीसी के मुख्य विजिलेंस अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
👷 50% रोजगार आरक्षण और CSR फंड की प्रमुख मांग
पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा कि बस्तर पूर्णतः अनुसूचित क्षेत्र है, ऐसे में स्थानीय युवाओं को एनएमडीसी में 50 प्रतिशत रोजगार आरक्षण दिया जाना चाहिए। साथ ही एनएमडीसी के CSR फंड से प्रभावित गांवों के शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार विकास के लिए पर्याप्त राशि सुनिश्चित की जाए।
🌊 दूषित लाल पानी और पर्यावरण संकट
कांग्रेस नेताओं ने ग्रामीणों की शिकायतों का हवाला देते हुए कहा कि एनएमडीसी खनन और स्टील प्लांट से निकलने वाला दूषित लाल पानी और अपशिष्ट नगरनार एवं आसपास के गांवों की नदियों और खेतों में मिल रहा है, जिससे खेती, मिट्टी और पर्यावरण को गंभीर नुकसान हो रहा है। एनएमडीसी के “जीरो डिस्चार्ज” दावे जमीनी स्तर पर खोखले साबित हो रहे हैं।
🏥 अस्पताल, स्कूल, प्रशिक्षण और खेल अकादमी की मांग
- कोपागुड़ा में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का निर्माण
- डिमरापाल अस्पताल में प्रभावित गांवों को प्राथमिकता
- बस्तर के बच्चों के लिए आवासीय विद्यालय
- आईटीआई व स्किल ट्रेनिंग के माध्यम से सीधी भर्ती
- ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग
- 50 एकड़ भूमि पर एनएमडीसी खेल अकादमी की स्थापना
🚜 किसानों को मुआवजा और सड़क सुरक्षा
कांग्रेस ने मांग की कि एनएमडीसी के कारण किसानों की बर्बाद फसलों और जमीन का उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही आड़ावाल से नगरनार डिवाइडर रोड का निर्माण कर सड़क के दोनों ओर प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि दुर्घटनाओं पर रोक लग सके।
⚠️ मांगें नहीं मानी तो आंदोलन होगा तेज
कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 11 सूत्रीय मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो पार्टी को और अधिक उग्र एवं व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होना पड़ेगा।
धरना प्रदर्शन में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, ब्लॉक अध्यक्ष, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, श्रमिक यूनियन सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।



