श्रीनगर में पाबंदियां: लाल चौक का घंटाघर सील
ईरानी सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के विरोध में कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं।
- लाल चौक पर घेराबंदी: श्रीनगर के ऐतिहासिक घंटाघर इलाके को कटीले तारों और बैरिकेड्स से पूरी तरह सील कर दिया गया है।
- इंटरनेट पर लगाम: अफवाहों को रोकने के लिए मोबाइल इंटरनेट की स्पीड को 2G स्तर पर सीमित कर दिया गया है।
- शिक्षण संस्थान बंद: कश्मीर के सभी स्कूलों और कॉलेजों को 2 मार्च और 3 मार्च के लिए बंद रखने का आदेश दिया गया है।
- परीक्षाएं स्थगित: कश्मीर यूनिवर्सिटी ने आज होने वाली अपनी सभी परीक्षाएं टाल दी हैं।
MHA की राज्यों को चेतावनी: ‘रेडिकल प्रचारकों’ पर रखें नजर
गृह मंत्रालय द्वारा राज्यों को भेजे गए परामर्श में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का इस्तेमाल घरेलू स्तर पर तनाव पैदा करने के लिए किया जा सकता है। मंत्रालय ने विशेष रूप से धार्मिक सभाओं में दिए जाने वाले भाषणों की निगरानी करने को कहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे तत्वों की पहचान करें जो ‘भड़काऊ बयानबाजी’ के जरिए कानून-व्यवस्था को चुनौती दे सकते हैं।
“घाटी में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए इंटरनेट स्पीड कम करना और आवाजाही पर प्रतिबंध लगाना एक एहतियाती कदम है। हम सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर पैनी नजर रख रहे हैं।”
— एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, श्रीनगर
श्रीनगर के सैदा कदल, बड़गाम, बांदीपोरा और पुलवामा जैसे शिया बहुल इलाकों में भारी सुरक्षा बल की मौजूदगी से स्थानीय जनजीवन प्रभावित हुआ है। सड़कों पर वाहनों की आवाजाही कम है और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हैं। गृह मंत्रालय ने खुफिया एजेंसियों को आदेश दिया है कि वे खाड़ी देशों में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और वहां से आने वाली इनपुट पर भी राज्यों के साथ रीयल-टाइम डेटा साझा करें। अगले 48 घंटे सुरक्षा की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
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