वार्षिक बैठक में लिए गए कई अहम फैसले, सहायता वितरण के नियमों में बदलाव और संस्था के पंजीयन पर बनी सहमति
छुरा (गंगा प्रकाश)। कुछ लोग सिर्फ बातें करते हैं, तो कुछ लोग चुपचाप समाज में बदलाव की इबारत लिखते हैं। छुरा का हेल्पिंग हैंड चैरिटी ग्रुप पिछले छह वर्षों से ऐसे ही लोगों की उम्मीदों का सहारा बना हुआ है। बुधवार को आयोजित वार्षिक बैठक में संस्था ने अपने सेवा कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया तो आंकड़े भी मानवता की मिसाल बनकर सामने आए।
संस्था ने बताया कि वर्ष 2020 से अब तक जिले के 160 जरूरतमंद लोगों को कुल 19 लाख 87 हजार 830 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है। शिक्षा, स्वास्थ्य और आपात परिस्थितियों में यह सहयोग कई परिवारों के लिए संबल साबित हुआ है।

बैठक में यह भी तय किया गया कि सहायता का लाभ अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचे, इसके लिए अब एक वित्तीय वर्ष में एक ही परिवार को केवल एक बार आर्थिक मदद दी जाएगी। सदस्यों ने इसे संसाधनों के बेहतर और न्यायसंगत उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
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सिर्फ आर्थिक सहायता तक सीमित न रहते हुए संस्था ने अपनी सेवाओं का दायरा बढ़ाने का भी निर्णय लिया। ग्रुप सदस्य हेमंत विश्वकर्मा ने अपने दिवंगत पिता कृपाराम विश्वकर्मा की स्मृति में एक व्हीलचेयर संस्था को भेंट की। इस व्हीलचेयर को स्थानीय जरूरतमंदों के लिए नि:शुल्क उपलब्ध कराया जाएगा, जिसे अधिकतम दो माह तक उपयोग किया जा सकेगा।

बैठक में हेल्पिंग हैंड चैरिटी ग्रुप को विधिवत पंजीकृत संस्था का स्वरूप देने पर भी सहमति बनी। सदस्यों का मानना है कि पंजीयन के बाद संस्था और अधिक संगठित तरीके से सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यों को विस्तार दे सकेगी।
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बैठक के समापन पर सदस्यों ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक मदद पहुंचाने का संकल्प दोहराया। कोषाध्यक्ष लक्की मेमन, सचिव गोपाल सोनी सहित अन्य सदस्यों ने कहा कि सेवा का यह कारवां आगे भी निरंतर जारी रहेगा और समाज के सहयोग से जरूरतमंदों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास किया जाएगा।




