छुरा (गंगा प्रकाश)। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर नगर पंचायत छुरा द्वारा शासकीय बालक आदर्श पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित सामूहिक योग कार्यक्रम व्यवस्थागत कमियों और अपेक्षित जनसहभागिता नहीं मिलने के कारण चर्चा का विषय बना रहा। निर्धारित समय सुबह 6 बजे के बाद भी आयोजन स्थल पर तैयारियां अधूरी दिखाई दीं, जिससे कार्यक्रम की व्यवस्थाओं पर सवाल उठने लगे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह 6:15 बजे तक कार्यक्रम स्थल पर योग दिवस से संबंधित फ्लेक्स नहीं लगाया जा सका था और प्रतिभागियों के लिए पर्याप्त संख्या में योग मेट भी उपलब्ध नहीं थे। योग विशेषज्ञों के अनुसार योगाभ्यास का सबसे उपयुक्त समय प्रातःकाल माना जाता है, लेकिन कार्यक्रम की तैयारियां सूर्य निकलने के बाद तक पूरी नहीं हो पाईं।
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जानकारी के अनुसार पूर्व में आयोजित बैठकों में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सामूहिक रूप से कार्यक्रम में शामिल होने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कार्यक्रम में केवल कुछ विभागों के अधिकारी-कर्मचारी ही नजर आए। पूर्व वर्षों की तुलना में इस बार आम नागरिकों की भागीदारी भी कम रही। स्थानीय लोगों का मानना है कि आयोजन के पर्याप्त प्रचार-प्रसार के अभाव का असर भी उपस्थिति पर देखने को मिला।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत सभापति लेखराज ध्रुवा ने कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति और ऋषि परंपरा की अनमोल धरोहर है। उन्होंने कहा कि आज योग की उपयोगिता को पूरा विश्व स्वीकार कर चुका है और करोड़ों लोग इसे अपने जीवन का हिस्सा बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियमित योगाभ्यास से शरीर स्वस्थ, मन शांत और जीवन संतुलित रहता है। श्री ध्रुवा ने नागरिकों से प्रतिदिन योग करने तथा नई पीढ़ी को भी योग के प्रति प्रेरित करने का आह्वान किया।
नगर पंचायत अध्यक्ष लुकेश्वरी निषाद ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली, तनाव और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में सामने आया है। योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन जीने की कला है। उन्होंने नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में योग एवं स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों में भाग लेने की अपील की।
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कार्यक्रम के अंत में जनपद पंचायत छुरा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सतीश चंद्रवंशी ने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों एवं नागरिकों का आभार व्यक्त किया। वहीं आयोजन में सामने आई अव्यवस्थाओं और कम उपस्थिति को लेकर नगर में दिनभर चर्चा होती रही। लोगों का कहना है कि भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए बेहतर तैयारी, समयबद्ध व्यवस्था और व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि योग दिवस का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।





