गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने, सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता फैलाने तथा महिला सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से रविवार को गरियाबंद से कुल्हारीघाट तक ‘छत्तीसगढ़ मोटो क्वींस’ की भव्य बाइक रैली का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गरियाबंद पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रखर चंद्राकर एवं वनमंडलाधिकारी (डीएफओ) वरुण जैन ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया।

रैली में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचीं 30 महिला बाइक राइडर्स ने भाग लिया। सभी राइडर्स पूर्ण सुरक्षा उपकरणों के साथ निर्धारित मार्ग पर रवाना हुईं और सड़क सुरक्षा के नियमों का पालन करने का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने हेलमेट पहनने, यातायात संकेतों का पालन करने तथा सुरक्षित वाहन संचालन के प्रति आम नागरिकों को जागरूक किया।
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आयोजन का प्रमुख उद्देश्य गरियाबंद जिले के प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक पर्यटन स्थलों को व्यापक पहचान दिलाना तथा जिले में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देना रहा। गरियाबंद से कुल्हारीघाट तक का मार्ग घने जंगलों, हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। आयोजकों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन से जिले के पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार होगा और बाहरी पर्यटकों का आकर्षण भी बढ़ेगा।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने कहा कि महिला बाइक राइडर्स का यह साहसिक अभियान समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि यह रैली केवल पर्यटन को बढ़ावा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रभावी माध्यम भी बनेगी। उन्होंने सभी वाहन चालकों से हेलमेट पहनने, यातायात नियमों का पालन करने और सुरक्षित यात्रा करने की अपील की।

जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर ने कहा कि गरियाबंद प्राकृतिक संसाधनों और पर्यटन स्थलों से समृद्ध जिला है। ऐसे आयोजनों से जिले की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी तथा स्थानीय पर्यटन को नई गति मिलेगी। वहीं डीएफओ वरुण जैन ने इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए लोगों से प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण में सहभागिता निभाने का आह्वान किया।
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रैली के दौरान स्थानीय लोगों ने महिला राइडर्स का उत्साहवर्धन किया। आयोजन ने न केवल महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया, बल्कि यह भी प्रदर्शित किया कि साहसिक खेल, पर्यटन और सामाजिक जागरूकता को एक साथ जोड़कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है। यह पहल गरियाबंद जिले को साहसिक पर्यटन और इको-टूरिज्म के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।




