पदोन्नति, वरिष्ठता सूची, समयमान वेतनमान, एनपीएस राशि, पंचायत चुनाव मानदेय और विश्वविद्यालयीन परीक्षा अनुमति सहित कई मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई की मांग
गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक/समग्र शिक्षक फेडरेशन, जिला गरियाबंद के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाध्यक्ष कुमेन्द्र कश्यप के नेतृत्व में जिला शिक्षा अधिकारी से मुलाकात कर शिक्षकों की विभिन्न लंबित समस्याओं के निराकरण के लिए 9 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि लंबे समय से लंबित प्रशासनिक एवं सेवा संबंधी मामलों के कारण जिले के हजारों शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। यदि इन समस्याओं का समय पर निराकरण किया जाए तो शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा और शिक्षा व्यवस्था भी अधिक प्रभावी बनेगी।

ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग प्राथमिक शाला प्रधान पाठक पद पर शीघ्र पदोन्नति एवं प्रतीक्षा सूची के प्रकाशन की रखी गई। फेडरेशन ने बताया कि प्रदेश के अधिकांश जिलों में प्राथमिक शाला प्रधान पाठक के पदों पर चार से पांच बार तक पदोन्नति की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है, जबकि गरियाबंद जिले में अब तक केवल एक बार ही पदोन्नति की गई है। पहली पदोन्नति के बाद भी प्रतीक्षा सूची जारी नहीं होने से अनेक वरिष्ठ एवं पात्र शिक्षक आज भी पदोन्नति के अवसर से वंचित हैं। संगठन ने रिक्त पदों पर तत्काल पदोन्नति प्रक्रिया प्रारंभ कर प्रतीक्षा सूची प्रकाशित करने की मांग की।
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फेडरेशन ने 1 अप्रैल 2025 की स्थिति में अंतिम वरिष्ठता सूची के आधार पर प्राथमिक शाला प्रधान पाठक, शिक्षक तथा माध्यमिक शाला प्रधान पाठक के रिक्त पदों पर पदोन्नति प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने की भी मांग उठाई। साथ ही ई एवं टी संवर्ग के प्रधान पाठक पदों की रिक्तियों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराने तथा संभागीय संयुक्त संचालक द्वारा जारी अंतरिम वरिष्ठता सूची से उन सहायक शिक्षकों के नाम हटाकर संशोधित सूची प्रकाशित करने का आग्रह किया गया, जिनकी पदोन्नति पहले ही प्राथमिक शाला प्रधान पाठक के पद पर हो चुकी है।

ज्ञापन में जनगणना कार्य में प्रगणक एवं सुपरवाइजर के रूप में कार्य करने वाले शिक्षकों के अर्जित अवकाश को उनकी सेवा पुस्तिका में दर्ज करने के लिए आवश्यक आदेश जारी करने की मांग भी शामिल रही। संगठन ने कहा कि शिक्षकों ने राष्ट्रीय महत्व के इस कार्य में जिम्मेदारीपूर्वक सेवाएं दी हैं, इसलिए उन्हें नियमानुसार अर्जित अवकाश का लाभ मिलना चाहिए।
फेडरेशन ने त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन में निर्वाचन कार्य संपादित करने वाले शिक्षकों के लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान कराने की मांग भी की। इसके अलावा देवभोग विकासखंड के सहायक शिक्षक (एल.बी.) संवर्ग को सविलियन पूर्व सात वर्ष की सेवा पूर्ण होने पर देय समयमान वेतनमान का लाभ प्रदान करने तथा शिक्षक (एल.बी.) संवर्ग की एनपीएस कटौती राशि को संबंधित कर्मचारियों के PRAN खातों में तत्काल जमा कराने की मांग रखी गई।

संगठन ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 में विश्वविद्यालयीन परीक्षाओं में सम्मिलित होने वाले शिक्षकों के लिए अनुमति आदेश समय पर जारी करने की भी मांग की, ताकि शिक्षकों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में किसी प्रकार की प्रशासनिक बाधा का सामना न करना पड़े।
फेडरेशन के जिलाध्यक्ष कुमेन्द्र कश्यप ने कहा कि संगठन लगातार शिक्षकों के अधिकारों एवं हितों की रक्षा के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की ये सभी मांगें पूरी तरह न्यायोचित एवं नियमसम्मत हैं। जिला शिक्षा अधिकारी से आग्रह किया गया है कि सभी विषयों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, जिससे शिक्षकों को समयबद्ध राहत मिल सके और शिक्षा व्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़े।
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ज्ञापन सौंपने के दौरान फेडरेशन के जिला एवं विकासखंड स्तर के अनेक पदाधिकारी और बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे। छुरा विकासखंड से धनंजय वर्मा ब्लॉक अध्यक्ष, त्रिलोक सिंह सेन ब्लॉक उपाध्यक्ष, पूनम चंद्राकर ब्लॉक सचिव, दीनबंधु वैष्णव प्रांतीय पदाधिकारी, सुश्री ओम प्रभा साहू जिला प्रवक्ता, रूपेश शर्मा जिला उपाध्यक्ष तथा मीना यादव महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी शिक्षकों की समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग करते हुए प्रशासन से सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई।




