कमिश्नर डोमन सिंह ने स्कूल, छात्रावास, स्वास्थ्य केंद्र व राशन दुकान का किया निरीक्षण, ग्रामीणों को योजनाओं से जोड़ने के दिए निर्देश
ओमप्रकाश रजक
जगदलपुर(गंगा प्रकाश)। आदर्श ग्राम नेतानार में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ ग्रामीणों की आय बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने पर प्रशासन ने जोर दिया है। शुक्रवार को बस्तर संभाग के कमिश्नर डोमन सिंह ने अधिकारियों के साथ नेतानार पहुंचकर विभिन्न शासकीय संस्थानों का निरीक्षण किया और ग्रामीणों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
कमिश्नर ने ग्राम के प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला, बालक छात्रावास, उप स्वास्थ्य केंद्र, आयुर्वेद औषधालय तथा उचित मूल्य दुकान का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आदर्श ग्राम के अनुरूप शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं की गुणवत्ता बेहतर होनी चाहिए। शासकीय संस्थानों की नियमित निगरानी कर ग्रामीणों को सेवाओं का लाभ सहज रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

खेती के साथ पशुपालन, मत्स्य और उद्यानिकी को बढ़ावा
कमिश्नर सिंह ने ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ सहायक गतिविधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के साथ स्थानीय संसाधनों पर आधारित बांस सामग्री निर्माण को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
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उन्होंने कहा कि गांव में उपलब्ध संसाधनों, ग्रामीणों के हुनर और उनकी रुचि के आधार पर आजीविका गतिविधियों का चयन किया जाए। इन गतिविधियों को बाजार से जोड़कर ग्रामीणों को गांव में ही रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
युवाओं और महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की पहल
कमिश्नर ने कौशल विकास प्रशिक्षण के तहत युवाओं को स्थानीय रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप रोजगारमूलक ट्रेड में प्रशिक्षण देने को कहा। उनका कहना था कि प्रशिक्षण केवल प्रमाण-पत्र तक सीमित न रहे, बल्कि युवाओं को प्रशिक्षण के बाद रोजगार अथवा स्वरोजगार से जोड़ने की ठोस व्यवस्था की जाए।
सिलाई प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी महिलाओं के कौशल का स्थानीय स्तर पर उपयोग करने पर भी उन्होंने जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि इन महिलाओं को स्कूली बच्चों के गणवेश सहित पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग की वर्दी तैयार करने जैसे कार्यों से जोड़ा जा सकता है। इससे महिलाओं को नियमित आय का साधन मिलने के साथ गांव में ही रोजगार के अवसर विकसित होंगे।

पात्र हितग्राहियों का हो शत-प्रतिशत कवरेज
कमिश्नर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की जनहितकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र परिवार तक पहुंचे। इसके लिए पात्र हितग्राहियों का चिन्हांकन कर उन्हें संबंधित योजनाओं से जोड़ते हुए सैचुरेशन सुनिश्चित किया जाए।
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उन्होंने कहा कि आदर्श ग्राम की पहचान केवल सड़क, भवन और अन्य अधोसंरचना से नहीं होती, बल्कि ग्रामीणों के जीवन में आने वाले सकारात्मक बदलाव से होती है। शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ रोजगार, स्वरोजगार और सामाजिक सुरक्षा की सुविधाएं ग्रामीणों तक पहुंचाना ही आदर्श ग्राम की परिकल्पना को सार्थक बनाएगा।
ग्रामीणों को सामग्री और दस्तावेजों का वितरण
कमिश्नर ने नेतानार में अधिकारियों की बैठक लेकर विकास एवं आजीविका गतिविधियों की समीक्षा की और आगामी दिनों के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। इस दौरान ग्रामीणों को ड्राइविंग लाइसेंस, खेल सामग्री, स्कूली बच्चों के लिए स्मार्ट टेलीविजन तथा आवश्यक बर्तनों का वितरण भी किया गया।
निरीक्षण के दौरान मुख्य वन संरक्षक स्टायलो मंडावी, जिला पंचायत के सीईओ तन्मय खन्ना, डीएफओ दीपेश कपिल सहित संभाग एवं जिला स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे।





