गरियाबंद/फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। धान खरीदी केन्द्रों में सर्वर डाउन होने से कई कई किसानों को थोड़ी थोड़ी औपचारिकता के लिए घंटो इंतजार करना पड़ जाता है। धान विक्रय का पूरा काम अनेक नियम कानून के साथ कम्प्यूराईड होने से सर्वर डाउन यानी खरीदी की पूरी प्रक्रिया ठप्प हो जाती है। जिसका पूरा खामिजाना किसानों को ही भुगतना पड़ता है। ऐसी ही एक घटना धान खरीदी केन्द्र रोहिना में शुक्रवार को किसानों के लिए मुसीबत बनी रही। यहां रात्रि 8 बजे तक धान खरीदी केन्द्र में किसानां को अलाव का सहारा लेना पड़ा। जहां किसानां को सुबह से अपने धान को मंडी में लाने के बाद दोपहर तक तौल काटा के बाद सर्वर प्राब्लम होने से रात्रि 8 बजे तक धान खरीदी केंद्र में रूकना पड़ा जिसमें महिलाएं, पुरुष बुजुर्गो व दूर दूर से आए किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। किसान के नामिनी देवानंद साहू रोहिना निवासी ने बताया कि धान खरीदी का दोपहर तक तौल काटा पूरा हो गया था लेकिन अंतिम प्रक्रिया करने पर सर्वर प्राब्लम हो गया जो रात्रि 8 बजे सर्वर आने पर पूरा किया गया। राजधानी रायपुर से आए किसान के नामिनी योगेश कुमार साहू ने बताया कि वह पचास किलोमीटर दूर से आया था जो घंटों इंतजार के बाद भी उनकी ओटीपी वाली प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी रात्रि में उनकी प्रक्रिया को भी पूरी किया गया। रोहिना केन्द्र प्रभारी पवन महिलांगे ने बताया कि शुक्रवार को 27 किसानों का टोकन कटा हुआ था जिसमें सभी किसानों का विधिवत रूप से धान खरीदी की शुरूआत की गयी जिसमें अंतिम प्रक्रिया किसान या नामिनी का अंगूठा लगाना था मोबाईल नंबर के माध्यम से ओटीपी जनरेट करना होता हैं, जिससे धान खरीदी सफलता पूर्वक माना जाता हैं अगर यह अंतिम प्रक्रिया नहीं की जाती तो फिर संशोधन करना पड़ता है जिसमें किसानों को फिर उसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। जैसे मंडियों में आना, फोटो खिंचवाना, ओटीपी या अंगूठा लगाना पड़ता। आपरेटर रितु सुदन ने बताया कि शुक्रवार को दोपहर 12 बजे के बाद दिनभर सर्वर प्राब्लम बताया जिससे रात्रि 8 बजे तक धान खरीदी केंद्र में किसानों को रूकना पड़ा।
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