बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में बीते कुछ दिन हादसों और अनहोनी के नाम रहे। मोहनभाठा क्षेत्र में जहाँ एक जंगली सूअर के हमले ने एक प्रगतिशील किसान की जान ले ली, वहीं एक अन्य दुखद घटना में जनपद सदस्य की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। इन घटनाओं से इलाके में शोक और दहशत का माहौल है।
खेत में टहल रहे किसान पर जंगली सूअर का प्राणघातक हमला
मोहनभाठा इलाके में जंगली सूअरों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। जानकारी के अनुसार, मृतक किसान प्रदीप गुप्ता अपने फार्म हाउस में टहल रहे थे, तभी अचानक एक जंगली सूअर ने उन पर हमला कर दिया।
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गंभीर चोटें: हमले में प्रदीप गुप्ता को गंभीर अंदरूनी चोटें आईं। उन्हें तत्काल अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
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फसल कटाई के बाद बढ़ा खतरा: स्थानीय लोगों का कहना है कि खेत से केले की फसल हटने के बाद जंगली जानवरों के छिपने की जगह खत्म हो गई है, जिससे वे आक्रामक होकर रिहायशी इलाकों और फार्म हाउसों की ओर रुख कर रहे हैं।
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लगातार दूसरा हमला: गौरतलब है कि इस घटना से महज चार दिन पहले ही इसी क्षेत्र में एक मुंशी पर भी जंगली सूअरों ने हमला किया था, जिससे वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सड़क हादसे में जनपद सदस्य की मौत
एक अन्य हृदयविदारक घटना में एक जनपद सदस्य की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई।गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था, जहाँ उन्होंने अंतिम सांस ली। इस खबर के बाद राजनीतिक गलियारों और उनके गृह क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
ग्रामीणों में आक्रोश
जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक को लेकर मोहनभाठा और आसपास के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग को बार-बार सूचना देने के बावजूद जंगली सूअरों को पकड़ने या उन्हें रिहायशी इलाकों से दूर रखने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
“केले की फसल कटने के बाद जंगली सूअर अब खुले में घूम रहे हैं। अगर जल्द ही कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो ऐसे और भी हादसे हो सकते हैं।” — स्थानीय ग्रामीण
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