सिवनी के व्याख्याता डी.के. साहू ने लगातार 12 वर्षों तक दिया शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम, शिक्षक दिवस पर हुआ सम्मान
छुरा (गंगा प्रकाश)। किसी शिक्षक की पहचान केवल उसके पढ़ाए विषय से नहीं, बल्कि उसके विद्यार्थियों के परिणाम और उनके व्यक्तित्व में आए बदलाव से होती है। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिवनी के हिन्दी विषय के व्याख्याता दिलीप कुमार साहू (डी.के. साहू) ने अपने शिक्षकीय दायित्व को इसी सोच के साथ निभाया है। यही वजह है कि वे लगातार 12 वर्षों से अपने विषय में शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम देने में सफल रहे हैं। उनकी इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर शिक्षक दिवस के अवसर पर विद्यालय परिवार द्वारा सम्मानित किया गया।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सिवनी में पदस्थ व्याख्याता डी.के. साहू को विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती ज्योत्स्ना दास ने शिक्षक दिवस पर 501 रुपये नगद, स्मृति चिह्न एवं लेखनी भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर उनके शिक्षकीय योगदान और विद्यार्थियों की सफलता में उनकी भूमिका की सराहना की गई।

2009 में शुरू हुआ सफर, आज उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त
ग्राम सिवनी में हाईस्कूल के उन्नयन के बाद 29 मई 2009 को दिलीप कुमार साहू ने व्याख्याता हिन्दी के रूप में विद्यालय में पदभार ग्रहण किया था। उस समय विद्यालय के प्राचार्य ने उन्हें हिन्दी एवं संस्कृत विषय पढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। श्री साहू ने इस जिम्मेदारी को केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि विद्यार्थियों को विषय को समझने और स्वयं करके सीखने के लिए प्रेरित किया।
उनकी अध्यापन शैली को विद्यार्थियों के लिए सरल, रोचक और व्यवहारिक बताया जाता है। वे कक्षा में बच्चों की सक्रिय भागीदारी पर जोर देते रहे। पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को भी उन्होंने अपनी जिम्मेदारी का हिस्सा माना।
किताबों से बाहर भी बच्चों को सिखाया जीवन का पाठ
डी.के. साहू का योगदान केवल कक्षा और परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने विद्यार्थियों को खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। विद्यालय में बच्चों को नियमित रूप से खो-खो और कबड्डी का अभ्यास कराया जाता था। प्रत्येक शनिवार को विद्यार्थियों के लिए व्यायाम भी कराया जाता था।
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उनका मानना रहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के अंदर अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता विकसित करना भी है। इसी सोच के साथ उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

जिम्मेदारी बढ़ी तो परिणाम भी बढ़ता गया
वर्ष 2013-14 में हाईस्कूल सिवनी का उन्नयन हायर सेकेंडरी विद्यालय के रूप में हुआ। इसके बाद डी.के. साहू की जिम्मेदारियां और बढ़ गईं। उन्होंने हिन्दी के साथ-साथ भूगोल विषय का अध्यापन भी शुरू किया। दोनों विषयों को उन्होंने पूरी लगन और रुचि के साथ पढ़ाया।
उनकी मेहनत का असर परीक्षा परिणामों में दिखाई देने लगा। वर्ष 2015 में कक्षा 12वीं के हिन्दी एवं भूगोल विषय में शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम प्राप्त हुआ। इसके बाद सफलता का यह सिलसिला लगातार जारी रहा और वर्ष 2015 से 2026 तक उन्होंने लगातार 12 वर्षों तक शत-प्रतिशत परिणाम देने का रिकॉर्ड कायम रखा।
तीन प्राचार्यों के साथ किया काम, प्रभारी प्राचार्य की भी संभाली जिम्मेदारी
अपने सेवाकाल के दौरान डी.के. साहू ने विद्यालय में तीन अलग-अलग प्राचार्यों के साथ कार्य किया। विद्यालयीन जिम्मेदारियों के अलावा उन्होंने परीक्षा एवं बोर्ड संबंधी कार्यों को भी जिम्मेदारीपूर्वक संभाला। एक वर्ष तक उन्होंने प्रभारी प्राचार्य के रूप में भी विद्यालय की जिम्मेदारी निभाई।
प्राचार्य द्वारा सौंपे गए विभिन्न कार्यों को उन्होंने पूरी निष्ठा और लगन से पूरा किया। सहकर्मियों के साथ उनका व्यवहार और विद्यार्थियों के प्रति उनका आत्मीय रवैया भी उनके व्यक्तित्व की विशेषता माना जाता है।
सरल व्यवहार ने बनाई अलग पहचान
शिक्षक के रूप में उपलब्धियों के साथ-साथ डी.के. साहू अपने सरल एवं सहज व्यवहार के लिए भी क्षेत्र में पहचान रखते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे विद्यार्थियों, अभिभावकों और ग्रामीणों के साथ आत्मीयता से जुड़े रहे हैं। उनका व्यवहार लोगों को प्रभावित करता है और विद्यालय से जुड़े हर वर्ग के साथ उनका बेहतर समन्वय रहा है।
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शिक्षक दिवस पर हुए सम्मान को विद्यालय परिवार ने उनके वर्षों के समर्पण, मेहनत और बेहतर परीक्षा परिणामों के प्रति सम्मान बताया। लगातार 12 वर्षों तक शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम देना न केवल उनके लिए बल्कि विद्यालय और क्षेत्र के लिए भी गौरव की बात है।
उनके सम्मान पर संस्था के चंद्रकिरण साहू, नरेन्द्र कुमार टंडन, देवेन्द्र सिन्हा, सरिता कंवर, एकता राजानी, स्वाती शर्मा, नंदिनी बंजारे, सोबिया बानो, सरोज गुप्ता, नीरा नेताम, ओंकार नायक, पंकज साहू, अरशद आलम, शिशिर सामल, उत्कर्ष देवांगन, भावेश ध्रुव, हीरालाल साहू, मनहरण पटेल एवं गुलेश ध्रुव सहित विद्यालय परिवार एवं ग्रामीणों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।





