13.800 किलो मांस, कुल्हाड़ी, 4 छुरी और मोटरसाइकिल जब्त; चार अन्य कथित आरोपी फरार, वन विभाग कर रहा तलाश
मैनपुर (गंगा प्रकाश)। उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के तौरेंगा बफर क्षेत्र में वन्यप्राणी के अवैध शिकार का मामला सामने आने से वन महकमे में हलचल मच गई है। आरक्षित वन क्षेत्र में कथित रूप से घुसकर दो मादा सामान्य लंगूरों का शिकार करने के मामले में वन विभाग ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि चार अन्य सह-आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। विभागीय कार्रवाई में 13.800 किलोग्राम कच्चा मांस समेत शिकार में इस्तेमाल किए जाने वाले हथियार और अन्य सामग्री जब्त की गई है।
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वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, 25 अक्टूबर 2026 को गाजीमुड़ा सर्कल के वन परिसर गरीबा अंतर्गत आरक्षित वन क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 1200 में अवैध प्रवेश कर अनुसूची-II के सामान्य लंगूर की दो मादा का शिकार किए जाने का मामला सामने आया। कार्रवाई के दौरान वन विभाग की टीम ने 13.800 किलोग्राम कच्चा मांस, एक कुल्हाड़ी, चार छुरी, एक पंसुल, चार पीले थैले और एक मोटरसाइकिल क्रमांक CG04 MF 3970 जब्त की।

मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भूसा (50 वर्ष), बनमाली सांता (51 वर्ष) और सोलन्दर (26 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों ओडिशा के नबरंगपुर जिले के ग्राम कबाटपानी, पोस्ट गोना, थाना एवं तहसील रायघर के निवासी बताए गए हैं।
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वन विभाग ने वन अपराध पीओआर क्रमांक 23/19 दिनांक 26 अक्टूबर 2026 को दर्ज कर वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की धारा 9, 27, 29, 31, 32, 39, 49, 50, 51 एवं 52 के तहत कार्रवाई की है। गिरफ्तार आरोपियों को गरियाबंद स्थित मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायालयीन वारंट के तहत तीनों को 5 नवंबर 2026 तक न्यायिक रिमांड पर जिला जेल गरियाबंद भेजा गया है।

मामले में चार अन्य सह-आरोपियों की तलाश जारी है। वन विभाग के अनुसार, कार्रवाई प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) ओ.पी. यादव, मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) गुरूनाथन एवं टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक वरुण जैन के दिशा-निर्देश में तथा सहायक संचालक तौरेंगा जे.पी. दरों के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में वन परिक्षेत्र अधिकारी केजुराम कोरचे, उपवनक्षेत्रपाल एवं सहायक परिक्षेत्र अधिकारी गौरीशंकर भोई, वनरक्षक पुरुषोत्तम, वनचौकीदार उदेराम यादव सहित ओडिशा पुलिस बल का सहयोग रहा। अब निगाहें फरार चार सह-आरोपियों की तलाश और मामले की आगे की जांच पर टिकी हैं।





