बस्तर फाइटर और जिला बल में भर्ती का झांसा देकर करीब 15 बेरोजगार युवाओं को बनाया शिकार, बैंक खातों और मोबाइल लोकेशन से पुलिस पहुंची आरोपियों तक
मिलन राय
कोंडागांव (गंगा प्रकाश)। पुलिस विभाग में नौकरी पाने की उम्मीद लगाए बैठे बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बनाकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का कोंडागांव पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोपी युवाओं को बस्तर फाइटर एवं जिला बल में नौकरी लगाने का झांसा देते थे और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से अपनी पहचान होने की बात कहकर बेरोजगारों का भरोसा जीतते थे। इसके बाद नौकरी दिलाने के नाम पर एडवांस रकम लेकर फरार हो जाते थे।
फरसगांव एवं कोंडागांव थाना क्षेत्र में सामने आए चार मामलों की जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह द्वारा करीब 15 बेरोजगार युवाओं से लगभग 25 से 30 लाख रुपये की ठगी किए जाने की जानकारी सामने आई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शत्रुघ्न टंडन पिता स्व. लखन लाल टंडन, उम्र 48 वर्ष, निवासी खेमहापारा मस्तूरी, हाल देवरीखुर्द बिलासपुर तथा बुध सिंह मरकाम पिता दूरसाय मरकाम, उम्र 42 वर्ष, निवासी भर्रीपारा थाना फरसगांव के रूप में हुई है।

पुलिस में पहचान का झांसा देकर बनाते थे भरोसा
पुलिस जांच के मुताबिक आरोपी बेरोजगार युवाओं को यह विश्वास दिलाते थे कि पुलिस विभाग में उनके उच्च अधिकारियों से सीधे संपर्क हैं और उनकी पहुंच के माध्यम से बस्तर फाइटर या जिला बल में नौकरी लगवाई जा सकती है। नौकरी पाने की चाह रखने वाले युवा आरोपियों की बातों में आ जाते थे।
👉 जरूर पढ़ें – CG NEWS:कौन्दकेरा की चाँदनी सेन ने विज्ञान संगोष्ठी में लहराया परचम
आरोपी पहले एडवांस रकम लेने की बात कहते थे और शेष रकम नौकरी लगने के बाद देने का भरोसा दिलाते थे। विश्वास कायम करने के लिए युवाओं से आधार कार्ड, अंकसूची, जाति प्रमाण पत्र, स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र सहित अन्य जरूरी दस्तावेज भी ले लिए जाते थे। रकम और दस्तावेज हाथ लगने के बाद आरोपी अपना ठिकाना बदल लेते थे।
पुलिस के अनुसार आरोपियों ने न केवल फरसगांव और कोंडागांव क्षेत्र बल्कि प्रदेश के अन्य इलाकों में भी इसी तरह बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बनाया है।
चार मामलों में सामने आई लाखों की ठगी
मामले की जांच के दौरान पुलिस के सामने चार अलग-अलग प्रकरण आए हैं। फरसगांव थाना क्षेत्र के पतोडा निवासी यशवंत नेताम ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि आरोपी शत्रुघ्न टंडन एवं उसके साथियों ने पुलिस विभाग में बस्तर फाइटर एवं जिला बल में नौकरी लगाने के नाम पर उसके तथा उसके अन्य साथियों से करीब 14 लाख रुपये की ठगी की। इस मामले में थाना फरसगांव में अपराध क्रमांक 49/2024, धारा 420, 34 भादवि के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।
इसी तरह आलोर निवासी पंचूराम कोर्राम एवं उसके एक साथी से पुलिस विभाग में नौकरी लगाने के नाम पर 3 लाख रुपये की धोखाधड़ी किए जाने की शिकायत मिली। इस मामले में फरसगांव थाने में अपराध क्रमांक 98/2026, धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया।
खेतरपाल निवासी जगदीश मंडावी ने भी आरोपी शत्रुघ्न टंडन एवं उसके साथियों पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर 5 लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया। इस मामले में अपराध क्रमांक 99/2026, धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
वहीं गहिरबहार बानगांव निवासी सूरज लाल नेताम की शिकायत पर कोंडागांव कोतवाली में अपराध क्रमांक 275/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। शिकायत के अनुसार पुलिस विभाग में नौकरी लगाने के नाम पर उनसे 3 लाख रुपये लिए गए थे।

तीन महीने तक चला बैंक खातों का विश्लेषण
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने केवल शिकायत के आधार पर आरोपियों की तलाश नहीं की, बल्कि ठगी में इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और पैसों के लेन-देन की बारीकी से जांच की। पुलिस टीम ने करीब तीन महीने तक लगातार बैंक खातों, दस्तावेजों और पीड़ितों के खातों से आरोपियों के खातों में भेजी गई रकम का तकनीकी विश्लेषण किया।
👉 जरूर पढ़ें – झरगांव प्लांटेशन में दो जंगली सूअरों की मौत, एक को बाइक पर ले जा रहा युवक पकड़ा गया
लेन-देन के पैटर्न का विश्लेषण करने के बाद पुलिस ने संदिग्ध बैंक खातों और आरोपियों की पहचान की। इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए फरसगांव एवं कोंडागांव थाना स्तर पर अलग-अलग टीमें गठित की गईं।
पुलिस को चकमा देकर बदलते रहे ठिकाने
जांच के दौरान आरोपियों ने पुलिस से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदलने का प्रयास किया। पुलिस के अनुसार आरोपी प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में भागते रहे। इसके बावजूद पुलिस टीम ने बैंक खातों से प्राप्त पतों, मोबाइल नंबरों के तकनीकी विश्लेषण और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपियों की गतिविधियों पर नजर बनाए रखी।
लगातार पतासाजी के बाद पुलिस टीम ने बिलासपुर क्षेत्र में दबिश देकर मुख्य आरोपी शत्रुघ्न टंडन को देवरीखुर्द, तोरवा, बिलासपुर से गिरफ्तार किया। वहीं उसके साथी बुध सिंह मरकाम को भर्रीपारा, फरसगांव से पकड़ा गया।
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस द्वारा मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
मोबाइल, दस्तावेजों की फाइल और डायरी जब्त
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने मोबाइल फोन, पीड़ितों के दस्तावेजों की फाइल, डायरी एवं रजिस्टर जब्त किए हैं। पुलिस इन दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच कर रही है। इससे गिरोह द्वारा ठगी की गई रकम, पीड़ितों की संख्या और गिरोह में शामिल अन्य लोगों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना जताई जा रही है।
करीब 15 पीड़ितों से ठगी का अनुमान
पुलिस की प्रारंभिक जांच में आरोपियों द्वारा करीब 15 बेरोजगार युवाओं को नौकरी का झांसा देकर लगभग 25 से 30 लाख रुपये की ठगी किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने किन-किन जिलों में बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बनाया और इसमें और कितने लोग शामिल हैं।
पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर ठगी के और प्रकरण सामने आ सकते हैं। आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल फोन, डायरी और रजिस्टर में दर्ज जानकारी के आधार पर अन्य संभावित पीड़ितों तथा गिरोह के सदस्यों की पहचान की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
पूरे मामले की जांच एवं कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कोंडागांव पंकज चन्द्रा (आईपीएस) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कपिल चन्द्रा के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी फरसगांव अभिनव उपाध्याय एवं एसडीओपी कोंडागांव रुपेश कुमार के कुशल पर्यवेक्षण में की गई।
आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए फरसगांव थाना प्रभारी निरीक्षक चन्द्रशेखर श्रीवास तथा कोंडागांव थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ उपाध्याय के नेतृत्व में अलग-अलग पुलिस टीमों का गठन किया गया था।
इनकी रही महत्वपूर्ण भूमिका
फरसगांव पुलिस टीम में थाना प्रभारी निरीक्षक चन्द्रशेखर श्रीवास, उप निरीक्षक शशिभूषण पटेल, आरक्षक अजरंग बघेल, सदेश सोरी, कृष्णा सोनवानी, कृष्ण सेठिया, महिला आरक्षक श्यामा मंडावी तथा जिला साइबर सेल कोंडागांव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वहीं कोंडागांव पुलिस टीम में एसडीओपी रुपेश कुमार के नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक सौरभ उपाध्याय, थाना कोतवाली की विवेचना टीम तथा जिला साइबर सेल की उल्लेखनीय भूमिका रही।
पुलिस की बेरोजगार युवाओं से अपील
पुलिस ने बेरोजगार युवाओं से अपील की है कि सरकारी नौकरी लगाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को रकम देने से पहले पूरी तरह जांच-पड़ताल करें। किसी व्यक्ति द्वारा अधिकारी से पहचान होने या सीधे नौकरी लगवाने का दावा किए जाने पर उसके झांसे में न आएं। नौकरी के नाम पर पैसे की मांग करने वाले व्यक्तियों की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते ऐसे ठगी करने वाले गिरोहों पर कार्रवाई की जा सके।





