15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक जिलेभर में होंगे जागरूकता कार्यक्रम, स्कूल-कॉलेज से लेकर बैंकिंग संस्थानों और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचेगा अभियान
गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे के बीच लोगों को जागरूक और सुरक्षित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस ने प्रदेशव्यापी “साइबर जागृति अभियान” शुरू करने का निर्णय लिया है। आजादी के पर्व 15 अगस्त से शुरू होकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर तक चलने वाले इस सात सप्ताह के अभियान में गरियाबंद जिला पुलिस भी व्यापक स्तर पर लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करेगी।
अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को साइबर ठगी, ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, फर्जी लिंक, यूपीआई फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, सोशल मीडिया से जुड़े अपराध तथा अन्य साइबर जोखिमों के प्रति सजग करना है। पुलिस द्वारा जागरूकता को केवल पुलिस कार्यालयों तक सीमित न रखते हुए स्कूल-कॉलेज, बैंकिंग एवं वित्तीय संस्थानों, सामुदायिक क्षेत्रों, रोजगार कार्यालयों, आईटीआई और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है।
एसपी ने ली सेल्फी, लोगों से अभियान से जुड़ने की अपील
साइबर जागृति अभियान की शुरुआत राजधानी रायपुर में मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री द्वारा किए जाने के बाद गरियाबंद जिले में भी अभियान को गति दी जा रही है। गरियाबंद पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर ने अभियान के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए अपने मोबाइल में क्यूआर कोड को स्कैन कर सेल्फी ली और उसे सोशल मीडिया पर साझा किया।
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एसपी सिरमौर ने जिलेवासियों से अपील की कि वे भी अभियान से जुड़ें, जागरूकता संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और साइबर अपराधों की रोकथाम में पुलिस का सहयोग करें। उन्होंने सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों, शैक्षणिक संस्थानों, जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों, प्रोफेशनल संस्थाओं तथा युवाओं से भी अभियान में सक्रिय भागीदारी की अपील की है।
सात सप्ताह, सात प्रमुख विषय
गरियाबंद पुलिस द्वारा जारी अभियान की रूपरेखा के अनुसार 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक प्रत्येक सप्ताह अलग-अलग विषयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पहला सप्ताह: डिजिटल सतर्कता और बुनियादी सुरक्षा के लिए स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता अभियान।
दूसरा सप्ताह: वित्तीय धोखाधड़ी और यूपीआई सुरक्षा को लेकर बैंकों एवं वित्तीय संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम।
तीसरा सप्ताह: डिजिटल अरेस्ट और फर्जी कॉल के संबंध में वरिष्ठ नागरिकों के साथ टाउन हॉल कार्यक्रम।
चौथा सप्ताह: स्मार्टफोन प्राइवेसी और सुरक्षित ब्राउजिंग को लेकर महिला कॉलेजों एवं सामुदायिक समूहों के बीच अभियान।
पांचवां सप्ताह: जॉब फ्रॉड और फिशिंग के प्रति युवाओं को जागरूक करने के लिए रोजगार कार्यालयों, आईटीआई एवं कौशल विकास केंद्रों में कार्यक्रम।
छठा सप्ताह: डेटा प्राइवेसी और सोशल मीडिया की सीमाओं को लेकर जागरूकता अभियान।
सातवां सप्ताह: ग्राम पंचायतों एवं निकायों में गांधी जयंती के अवसर पर “साइबर मुक्त छत्तीसगढ़” के संकल्प के साथ अभियान चलाया जाएगा।
सार्वजनिक स्थानों पर भी होगा प्रचार
अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए जिला पुलिस की टीमें स्थानीय थानों के माध्यम से सार्वजनिक स्थानों, चौक-चौराहों, पार्कों और बाजारों में पोस्टर-बैनर तथा क्यूआर कोड के माध्यम से साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी प्रसारित करेंगी। इसके साथ ही राज्य पुलिस और जिला पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल, व्हाट्सऐप समूहों आदि के माध्यम से जागरूकता लिंक और संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाए जाएंगे।
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पुलिस का प्रयास है कि आम नागरिक साइबर अपराध के किसी भी तरीके को समझें, अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध कॉल पर व्यक्तिगत एवं बैंकिंग जानकारी साझा करने तथा सोशल मीडिया पर निजी जानकारी सार्वजनिक करने से बचें। अभियान के माध्यम से लोगों को यह संदेश भी दिया जाएगा कि साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता और सतर्कता है।
गांधी जयंती पर होगा अभियान का समापन
सात सप्ताह तक चलने वाले इस व्यापक अभियान का समापन 2 अक्टूबर 2026, गांधी जयंती के अवसर पर किया जाएगा। जिला पुलिस का लक्ष्य है कि अभियान के दौरान अधिक से अधिक नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक कर उन्हें सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित किया जाए।
