चार बार शिकायत और कार्रवाई नहीं होने को लेकर उठे थे सवाल, खबर प्रकाशित होने के बाद जिला पंचायत ने जारी किया आदेश
छुरा (गंगा प्रकाश)। ग्राम पंचायत मडेली की पंचायत सचिव अंबिका सोनी के खिलाफ ग्रामीणों एवं पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा लगातार की जा रही शिकायतों के मामले में अब प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। पंचायत सचिव की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों की शिकायत और कार्रवाई नहीं होने से जुड़े मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किए जाने के बाद जिला पंचायत गरियाबंद ने 18 अगस्त 2026 को आदेश जारी कर सचिव अंबिका सोनी को आगामी आदेश तक कार्यालय जनपद पंचायत छुरा में संलग्न कर दिया है।
जिला पंचायत गरियाबंद से जारी आदेश में पंचायत सचिवों की वर्तमान पदस्थापना एवं अतिरिक्त प्रभार में प्रशासनिक व्यवस्था के तहत बदलाव किया गया है। आदेश के अनुसार श्रीमती अंबिका सोनी, पंचायत सचिव मडेली को कार्यालय जनपद पंचायत छुरा में संलग्न किया गया है। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा।

मडेली का अतिरिक्त प्रभार दूसरे सचिव को
जारी आदेश के अनुसार ग्राम पंचायत बोडराबांधा के पंचायत सचिव कार्तिकराम साहू को ग्राम पंचायत मडेली का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वहीं ग्राम पंचायत खसड़ा के सचिव भगवानी ध्रुव को ग्राम पंचायत साजापाली का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
इसके साथ ही ग्राम पंचायत साजापाली की पंचायत सचिव सावित्री यादव को भी कार्यालय जनपद पंचायत छुरा में संलग्न किया गया है। जिला पंचायत द्वारा जारी आदेश में संबंधित अधिकारियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों को नई व्यवस्था के अनुसार कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
मडेली पंचायत सचिव पर शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप
चार बार शिकायत के बाद गरमाया था मामला
ग्राम पंचायत मडेली की पंचायत सचिव अंबिका सोनी के खिलाफ ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने लंबे समय से शिकायतें किए जाने का दावा किया था। ग्रामीणों ने सचिव पर नियमित रूप से पंचायत कार्यालय में उपस्थित नहीं रहने, ग्रामसभा की बैठकों में अनुपस्थित रहने, ग्रामीणों को शासन की योजनाओं की पर्याप्त जानकारी नहीं देने सहित कई आरोप लगाए थे।
मामले को लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में चार बार शिकायत किए जाने का भी दावा ग्रामीणों द्वारा किया गया था। ग्रामीणों का कहना था कि शिकायतों की जांच होने तथा शिकायत सही पाए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से उन्हें निराशा का सामना करना पड़ रहा था।

सरपंच ने भी उठाए थे वेतन आहरण पर सवाल
मडेली पंचायत के सरपंच अशोक ध्रुव ने पंचायत सचिव की उपस्थिति और वेतन आहरण को लेकर भी सवाल उठाए थे। उनका आरोप था कि पंचायत स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं होने के बावजूद वेतन आहरण किया जा रहा है। उन्होंने सचिव की उपस्थिति, पंचायत मुख्यालय में निवास तथा पंचायत के अभिलेखों की जांच की मांग की थी।
ग्रामीणों ने पंचायत के आय-व्यय, ग्रामसभा की कार्यवाही, विकास कार्यों और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की भी जांच कराने की मांग प्रशासन के समक्ष रखी थी।
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कलेक्टर को सौंपा गया था ज्ञापन
मामले को लेकर मडेली पंचायत के ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पंचायत सचिव को मडेली से हटाने तथा पंचायत की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। ग्रामीणों ने कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में आंदोलन की चेतावनी भी दी थी।
अब जिला पंचायत द्वारा सचिव को मडेली से हटाकर जनपद पंचायत छुरा में संलग्न किए जाने के बाद ग्रामीणों की मांगों में से एक प्रमुख मांग पूरी होती दिखाई दे रही है।

आगे जांच और कार्रवाई पर नजर
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के बाद अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर है कि पूर्व में की गई शिकायतों और जांच रिपोर्ट पर आगे क्या कार्रवाई होती है। ग्रामीणों का कहना है कि केवल स्थानांतरण या संलग्नीकरण पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतों में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाई जानी चाहिए।
फिलहाल जिला पंचायत गरियाबंद के आदेश से मडेली पंचायत की प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव हो गया है और पंचायत के सुचारू संचालन के लिए नए अतिरिक्त प्रभारी की जिम्मेदारी तय कर दी गई है।




