स्कार्फ स्काउटिंग की पहचान, सेवा और अनुशासन का प्रतीक : के.आर. सिन्हा
छुरा (गंगा प्रकाश)। विश्व स्कार्फ दिवस के अवसर पर आयुर्वेद रत्न एवं वरिष्ठ स्काउट मास्टर के.आर. सिन्हा ने सभी स्काउट्स, गाइड्स और युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए स्काउटिंग आंदोलन से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्काउटिंग केवल एक संगठन नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मनिर्भरता, समाज सेवा और राष्ट्रभक्ति की जीवनशैली है, जो युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने कहा कि स्काउटिंग का मुख्य उद्देश्य युवाओं के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और नैतिक विकास के माध्यम से उन्हें राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए तैयार करना है। स्काउटिंग से जुड़े बालचर सेवा, सहयोग और नेतृत्व जैसे गुणों का विकास करते हैं, जो उन्हें जीवन की हर चुनौती का सामना करने में सक्षम बनाते हैं।
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भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के पूर्व जिला प्रशिक्षण आयुक्त, स्काउट मास्टर एवं योगविद अर्जुन धनंजय के.आर. सिन्हा ने कहा कि स्कार्फ स्काउटिंग की पहचान है। यह एकता, अनुशासन, समर्पण और सेवा भावना का प्रतीक माना जाता है। स्कार्फ पहनकर प्रत्येक स्काउट अपने संगठन और उसके आदर्शों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करता है।
उन्होंने बताया कि विश्व के 224 देशों में स्काउटिंग गतिविधियां संचालित हो रही हैं, जिनसे 5.4 करोड़ से अधिक युवा एवं वयस्क सदस्य जुड़े हुए हैं। विश्व स्कार्फ दिवस प्रत्येक वर्ष 1907 में आयोजित पहले स्काउट शिविर की स्मृति में उत्साहपूर्वक मनाया जाता है।
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सिन्हा ने बताया कि स्काउटिंग में विभिन्न रंगों के स्कार्फ का विशेष महत्व होता है। इनसे संगठन में जिम्मेदारियों और पदों की पहचान भी होती है। स्कार्फ केवल वेशभूषा का हिस्सा नहीं है, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर प्राथमिक उपचार के दौरान पट्टी, स्लिंग या रस्सी के रूप में भी इसका उपयोग किया जा सकता है।
उन्होंने युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में स्काउटिंग से जुड़कर सेवा, अनुशासन और नेतृत्व की भावना विकसित करने तथा सशक्त एवं समृद्ध राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
