रायपुर । देश में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच एक बड़ी राहत भरी खबर आ गई है। मौसम विभाग ने दक्षिण पश्चिम मानसून के केरल में प्रवेश करने की अधिकृत पुष्टि करते हुए मानसून आगमन की घोषणा कर दी है। मौसम विभाग ने पहले ही यह पूर्वानुमान जताया था कि इस बार दक्षिण पश्चिम मानसून अपने तय समय से एक-दो दिन पहले ही भारत में प्रवेश कर लेगा। मौसम विभाग के मुताबिक मानसून अब पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों में आगे बढने लगा है। चक्रवाती तूफान रेमल की वजह से पहले से ही पूर्वोत्तर भारत में बारिश हुई है, जो अब मानसून के पहुंचने पर बढने वाली है। मौसम विभाग ने बताया है कि मानसून इस बार समय से पहले ही केरल पहुंच गया है। इस वजह से केरल में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है। दरअसल, कुछ दिन पहले ही चक्रवाती तूफान रेमल आया, जिसकी चलते मानसून का फ्लो तेजी के साथ बंगाल की खाड़ी तक पहुंच गया। यही वजह है कि अब पूर्वोत्तर की ओर भी बादल बढने लगा है।इधर मौसम विभाग की माने तो दक्षिण पश्चिम मानसून 5 जून तक पूर्वोत्तर राज्यों में पहुंचेगा। पूर्वोत्तर के राज्य अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, नगालैंड, मेघालय, मिजोरम, मणिपुर और असम में मानसून के आगमन की सामान्य तिथि पांच जून है। आईएमडी ने कहा, इस अवधि के दौरान दक्षिण अरब सागर के कुछ और हिस्सों, मालदीव, कोमोरिन, लक्षद्वीप के शेष हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम और मध्य बंगाल की खाड़ी, उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती जा रही हैं। छत्तीसगढ़ में भी शुरू होगी प्री-मानसून की गतिविधियां इधर जानकारों की माने तो मानसून के तेजी से आगे बढने के साथ ही आंध्रप्रदेश तक पहुंचते ही छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी इसका असर दिखना शुरू हो जाएगा। मौसम विभाग ने हालांकि प्री-मानसूनी फुहारों की सटीक जानकारी नहीं दी है। फिर भी यह माना जा रहा है कि मई के प्रथम सप्ताह के खत्म होते-होते याने 7-8 मई से यहां प्री-मानसून शुरू हो सकता है। इस दौरान तेज आंधी- तूफान, गरज-चमक के साथ तेज बौछारें पड़ सकती हैं।
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