उफनते नाले ने रोकी आवाजाही; शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार प्रभावित, टेंडर के बाद भी पुल निर्माण शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी
देवभोग (गंगा प्रकाश)। लगातार हो रही बारिश के कारण बेलाट नाला एक बार फिर उफान पर आ गया है। नाले में जलस्तर बढ़ने से देवभोग मुख्यालय का लगभग 36 गांवों से सड़क संपर्क पूरी तरह टूट गया है। हर वर्ष मानसून के दौरान बनने वाली यह स्थिति इस बार भी हजारों ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। संपर्क विच्छेद होने से ग्रामीणों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है और दैनिक जीवन पर व्यापक असर पड़ा है।

बेलाट नाला पर पानी चढ़ने के कारण सबसे अधिक प्रभावित शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार व्यवस्था हुई है। देवभोग मुख्यालय पर निर्भर गांवों के लोग आवश्यक कार्यों के लिए भी मुख्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं। स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, वहीं बीमार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में कठिनाई हो रही है। व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित होने से ग्रामीणों और व्यवसायियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासनिक अमला मौके पर तैनात है। अधिकारियों एवं पुलिसकर्मियों द्वारा नाले के दोनों ओर लोगों को समझाइश दी जा रही है कि वे उफनते नाले को पार करने का प्रयास न करें। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं उठाने की अपील की है, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

इधर, पुल निर्माण को लेकर ग्रामीणों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। उनका कहना है कि बेलाट नाला पर पुल निर्माण की मांग वर्षों पुरानी है। अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल में कई बार आश्वासन मिले, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान आज तक नहीं हो सका। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में पुल निर्माण का टेंडर जारी होने के बावजूद निर्माण कार्य शुरू नहीं होने से लोगों में निराशा है।
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ग्रामीणों का कहना है कि हर वर्ष बारिश आते ही बेलाट नाला 36 गांवों के लिए सबसे बड़ी बाधा बन जाता है। संपर्क टूटने से लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है और कई बार जरूरी सेवाएं भी प्रभावित होती हैं। उनका कहना है कि अस्थायी व्यवस्थाओं से समस्या का समाधान संभव नहीं है। अब शासन-प्रशासन को शीघ्र पुल निर्माण कार्य प्रारंभ कर स्थायी समाधान सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि हर मानसून में उत्पन्न होने वाली इस गंभीर समस्या से क्षेत्रवासियों को हमेशा के लिए राहत मिल सके।




