मनरेगा में कथित अनियमितताओं और जेसीबी से खुदाई कर निकाली गई सामग्री बेचने के आरोप, जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
धमतरी (गंगा प्रकाश)। मनरेगा कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितताओं और जेसीबी मशीन से खुदाई कर निकाली गई सामग्री को बेचने के आरोपों को लेकर चौरहा सरपंच देशांत सिन्हा के खिलाफ कार्रवाई की मांग ने तूल पकड़ लिया है। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश सचिव योगेंद्र देवांगन ने मामले को लेकर प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोष सिद्ध होने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में एसडीएम एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को ज्ञापन सौंपा गया है।

प्रदेश सचिव योगेंद्र देवांगन ने प्रशासन को सात दिनों का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि निर्धारित अवधि में मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) जनहित में लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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योगेंद्र देवांगन ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने और गांवों में विकास कार्यों को गति देने वाली महत्वपूर्ण योजना है। ऐसे में योजना के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की कथित अनियमितता को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उन्होंने संबंधित निर्माण कार्यों के अभिलेख, मस्टर रोल, भुगतान विवरण तथा कार्यस्थल की जांच कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की।

उन्होंने छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत कार्रवाई, निलंबन सहित अन्य वैधानिक कदम उठाने की मांग भी रखी है। साथ ही कहा कि इस मुद्दे को लेकर कलेक्टर से मुलाकात कर शिकायत को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
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फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र एवं आधिकारिक पुष्टि तथा प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है। ऐसे में जांच के बाद ही पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने दोहराया है कि ग्रामीणों के अधिकारों की रक्षा और सार्वजनिक धन के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए वह अपनी मांगों पर कायम है। अब निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।





