देवभोग के तेतलखूंटी नाके पर 85 कट्टा धान समेत टाटा 407 जब्त, पीटापारा में पहले पकड़ी गई थी 40 बोरी धान; छुरा क्षेत्र में निगरानी और कार्रवाई को लेकर उठने लगे सवाल
छुरा/देवभोग (गंगा प्रकाश)। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले ही सीमावर्ती इलाकों में ओडिशा से धान लाकर खपाने की कोशिशों का मामला सामने आने लगा है। गरियाबंद जिले के देवभोग क्षेत्र में पुलिस और राजस्व विभाग की कार्रवाई से अवैध धान परिवहन करने वालों पर शिकंजा कसता नजर आ रहा है, लेकिन दूसरी ओर छुरा क्षेत्र में अब तक ऐसी कार्रवाई सामने नहीं आने से संबंधित विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की सक्रियता पर सवाल उठने लगे हैं।
देवभोग पुलिस ने पुलिस अधीक्षक गरियाबंद के निर्देश पर तेतलखूंटी नाके में कार्रवाई करते हुए ओडिशा से छत्तीसगढ़ की ओर लाए जा रहे 85 कट्टा धान समेत टाटा 407 मेटाडोर वाहन क्रमांक OD19A5019 को जब्त किया है। पुलिस के अनुसार सुबह करीब 8 बजे मिली सूचना के आधार पर सीमा पर जांच की गई। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें धान लोड मिला। चालक की पहचान ओडिशा के नुआपाड़ा जिले के बोड़ेन थाना क्षेत्र निवासी देवराज ग्वाल, उम्र 45 वर्ष, के रूप में हुई है।

पुलिस ने धान परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 94 के तहत नोटिस दिया। पुलिस के मुताबिक चालक ने लिखित में दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने की बात कही। इसके बाद धान और वाहन को थाना देवभोग में सुरक्षार्थ रखा गया है तथा आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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इससे पहले देवभोग क्षेत्र के पीटापारा में राजस्व विभाग ने ओडिशा से लाए जा रहे 40 बोरी धान के साथ पिकअप वाहन क्रमांक OD08A3798 जब्त किया था। तहसीलदार सुशील भोई की कार्रवाई के बाद जब्त धान और वाहन पुलिस के सुपुर्द किए गए थे। लगातार सामने आ रहे इन मामलों ने सीमावर्ती इलाकों में धान के अवैध परिवहन को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

इधर गरियाबंद जिले के छुरा विकासखंड क्षेत्र में अब तक ऐसी कार्रवाई सामने नहीं आने की बात कही जा रही है। धान खरीदी का समय नजदीक होने के बावजूद संबंधित विभागीय अधिकारी-कर्मचारियों की निगरानी और मैदानी सक्रियता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि छुरा क्षेत्र में कार्रवाई नहीं होने का अर्थ यह नहीं कि वहां अवैध परिवहन हो ही रहा है, लेकिन संभावित गड़बड़ियों को रोकने के लिए प्रभावी जांच और सतर्कता जरूरी है।
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धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सीमावर्ती मार्गों, धान के भंडारण स्थलों और परिवहन गतिविधियों पर नियमानुसार निगरानी आवश्यक है। साथ ही छुरा क्षेत्र में अब तक जांच, निरीक्षण और कार्रवाई की वास्तविक स्थिति भी संबंधित विभागों को स्पष्ट करनी चाहिए।
देवभोग में 40 बोरी से लेकर 85 कट्टा धान की जब्ती के बाद अब सवाल यह है कि छुरा क्षेत्र में जिम्मेदार विभाग कब सक्रिय होंगे? क्या धान खरीदी शुरू होने से पहले निगरानी व्यवस्था मजबूत होगी, या फिर कार्रवाई का इंतजार ही जारी रहेगा? यह आने वाले दिनों में विभागीय तत्परता की असली परीक्षा होगी।





