10 वीं में 100 प्रतिशत और 12वीं में 98 प्रतिशत परीक्षा परिणाम, दो पीवीटीजी विद्यार्थियों का एमबीबीएस में चयन; कलेक्टर ने विद्यालय पहुंचकर परखी प्रतिभा और शिक्षा की गुणवत्ता
छुरा (गंगा प्रकाश)। कभी कक्षा में पूछे गए सवालों के जवाब, तो कभी बड़े सपनों को साकार करने का आत्मविश्वास… छुरा विकासखंड के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय कोसमबुड़ा में विद्यार्थियों की प्रतिभा और उपलब्धियों की ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने निरीक्षण पर पहुंचे कलेक्टर रणबीर शर्मा को भी प्रभावित किया। सामान्य ज्ञान और विभिन्न विषयों से जुड़े सवालों पर विद्यार्थियों ने जब एक के बाद एक सही जवाब दिए, तो कलेक्टर ने तालियां बजवाकर बच्चों का उत्साह बढ़ाया। लेकिन इस विद्यालय की चर्चा सिर्फ कक्षा की प्रतिभा तक सीमित नहीं है। यहां के पांच विद्यार्थी जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होने जा रहे हैं। वहीं, दो विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के विद्यार्थियों का एमबीबीएस के लिए चयन भी विद्यालय की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आया है।
29 अक्टूबर को कलेक्टर रणबीर शर्मा ने विद्यालय का निरीक्षण कर विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने अलग-अलग कक्षाओं में पहुंचकर पढ़ाई, विषयों की समझ और सामान्य ज्ञान से संबंधित प्रश्न पूछे। विद्यार्थियों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ उत्तर दिए। बच्चों की तैयारी और सीखने की क्षमता देखकर कलेक्टर ने प्रसन्नता व्यक्त की तथा उन्हें आगे भी इसी उत्साह के साथ अध्ययन करने के लिए प्रेरित किया।
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संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने अपने भविष्य के सपनों को भी साझा किया। किसी ने सिविल सर्विस में जाने की इच्छा जताई, तो किसी ने मेडिकल, इंजीनियरिंग और फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में करियर बनाने का लक्ष्य बताया। बच्चों की इन आकांक्षाओं पर कलेक्टर ने कहा कि जीवन में लक्ष्य तय करना और उसके लिए निरंतर प्रयास करना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को नीट, जेईई और आईआईटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के बारे में जानकारी देते हुए अभी से नियमित पढ़ाई, समय प्रबंधन और निरंतर अभ्यास पर ध्यान देने की समझाइश दी। साथ ही शिक्षकों को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की जानकारी देने के साथ उनकी तैयारी के लिए भी उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराएं, जिससे वे भविष्य में अच्छे संस्थानों में प्रवेश प्राप्त कर सकें।

परीक्षा परिणाम ने बढ़ाया विद्यालय का गौरव
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. कमलाकांत यादव के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2025-26 में कक्षा दसवीं का परीक्षा परिणाम 100 प्रतिशत रहा, जबकि कक्षा बारहवीं का परीक्षा परिणाम 98 प्रतिशत दर्ज किया गया। यह परिणाम विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के प्रयासों का प्रतिफल है। विद्यालय के पांच विद्यार्थियों को 12 नवंबर को जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा दो पीवीटीजी विद्यार्थियों का एमबीबीएस के लिए चयन होना भी विद्यालय के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है। कक्षा बारहवीं के 11 विद्यार्थियों को भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरु और आईआईटी दिल्ली जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया, ताकि उन्हें उच्च शिक्षा और वैज्ञानिक अध्ययन के अवसरों की बेहतर समझ मिल सके।
पढ़ाई के साथ सुविधाओं और व्यवस्थाओं की भी समीक्षा
कलेक्टर ने निरीक्षण के पश्चात जिला स्तरीय संचालन समिति की बैठक लेकर विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में विद्यार्थियों के नामांकन, रिक्त सीटों, पीवीटीजी विद्यार्थियों के प्रवेश, शिक्षकीय एवं गैर-शिक्षकीय पदों की स्थिति तथा आगामी सत्र के परीक्षा परिणाम के लक्ष्यों पर चर्चा की गई। कक्षा दसवीं एवं बारहवीं की बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी, खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों में विद्यार्थियों की उपलब्धियों की जानकारी भी ली गई।
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बैठक में विद्यालय की मूलभूत सुविधाओं, आवश्यक संसाधनों, भोजन व्यवस्था, विद्यार्थियों की दैनिक दिनचर्या और हाउस प्रणाली की समीक्षा की गई। विद्यालय प्रबंधन ने अपनी समस्याओं और आवश्यकताओं से कलेक्टर को अवगत कराया। इस पर कलेक्टर ने विद्यालय मैदान का समतलीकरण, महिला एवं पुरुष गार्ड रूम के समीप शौचालय निर्माण, ओपन ऑडिटोरियम, नलकूप खनन, स्टडी रूम निर्माण तथा ट्रांसफार्मर के पास सुरक्षा जाली लगाने जैसे कार्यों के लिए संबंधित ईपीडब्ल्यूडी अधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए।

जनजातीय प्रतिभाओं को बेहतर अवसर देने पर जोर
एकलव्य विद्यालयों की स्थापना का उद्देश्य जनजातीय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। इसी उद्देश्य के अनुरूप कलेक्टर ने शिक्षण व्यवस्था के साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और विद्यालय की आवश्यक सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
इस अवसर पर एसडीएम अवंति गुप्ता, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त लोकेश्वर पटेल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. यूएस नवरत्न, समाज कल्याण विभाग के उप संचालक डीपी ठाकुर, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग के कार्यपालन अभियंता रामेश्वर सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता विप्लव घृतलहरे, जिला परिवहन अधिकारी युगेश्वरी वर्मा, डीएमसी शिवेश शुक्ला सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।





