गरियाबंद (गंगा प्रकाश)। ईद मिलाद-उन-नबी के पावन अवसर पर गरियाबंद पुलिस ने मुस्लिम समुदाय के बीच पहुंचकर साइबर अपराधों से बचाव को लेकर जागरूकता अभियान चलाया। छत्तीसगढ़ पुलिस के निर्देशानुसार प्रदेशभर में संचालित “साइबर जागृति अभियान” के तहत थाना मैनपुर एवं पाण्डुका पुलिस टीम ने नागरिकों को डिजिटल सुरक्षा और ऑनलाइन ठगी से बचने के उपायों की जानकारी दी।

पुलिस अधिकारियों ने उपस्थित नागरिकों को वर्तमान समय में बढ़ रहे ऑनलाइन फ्रॉड, वित्तीय धोखाधड़ी और सोशल मीडिया से जुड़े साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को झांसे में लेकर बैंकिंग और निजी जानकारी हासिल कर रहे हैं। ऐसे में थोड़ी सी सावधानी बरतकर साइबर ठगी से बचा जा सकता है।
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पुलिस टीम ने लोगों को समझाइश देते हुए कहा कि बैंक खाते की जानकारी, एटीएम पिन, पासवर्ड और यूपीआई पिन किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। संदिग्ध फोन कॉल, लॉटरी या इनाम का झांसा देने वाले लोगों को ओटीपी किसी भी स्थिति में नहीं बताना चाहिए।

इसके साथ ही सोशल मीडिया और व्हाट्सऐप पर आने वाले अनजान लिंक अथवा संदिग्ध APK फाइलों पर क्लिक नहीं करने की सलाह दी गई। पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी कई बार फर्जी लिंक और एप के माध्यम से लोगों के मोबाइल और बैंकिंग से जुड़ी जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं।
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पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों से यह भी अपील की कि डराने-धमकाने वाले अथवा संदिग्ध फोन कॉल आने पर घबराने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दें। यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है तो घटना के बाद समय गंवाए बिना राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें और Cyber Crime Portal के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं।
गरियाबंद पुलिस ने नागरिकों से साइबर जागरूकता अभियान से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने और अपने परिवार, मित्रों एवं आसपास के लोगों को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की।





