भैरमगढ़। क्षेत्र में लंबे समय से चल रहे अवैध नोटरी के खेल का आखिरकार पर्दाफाश हो गया है। आरोप है कि जगदीश चपड़ी द्वारा बिना किसी वैध लाइसेंस और अधिकार के नोटरी का कार्य किया जा रहा था, जबकि वह अधिकृत नोटरी अधिवक्ता है ही नहीं।

सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान जगदीश चपड़ी के पास से नोटरी की सील एवं कोरे स्टांप दस्तावेज बरामद किए गए हैं। बताया जा रहा है कि इन्हीं कोरे कागजों पर आम जनता से मोटी रकम लेकर फर्जी नोटरी प्रमाणन का कार्य किया जा रहा था, जिससे न केवल शासन को राजस्व की हानि हो रही थी, बल्कि आम लोगों के महत्वपूर्ण दस्तावेजों की वैधता भी खतरे में पड़ गई थी।

नियमों के अनुसार नोटरी का कार्य केवल शासन द्वारा नियुक्त लाइसेंसधारी अधिवक्ता ही कर सकता है। बिना पंजीकरण के नोटरी की सील रखना और उसका उपयोग करना भारतीय नोटरी अधिनियम के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इस अवैध कार्य से कई ग्रामीणों के जमीन, शपथ पत्र और अन्य कानूनी दस्तावेज अमान्य होने के कगार पर पहुंच गए हैं। लोगों ने प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
प्रशासन से मांग: अवैध नोटरी पर हो सख्त कार्रवाई ताकि आम जनता ठगी से बच सके।



