गरियाबंद/फिंगेश्वर (गंगा प्रकाश)। मकर संक्रांति का पर्व पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन को नये फल और नई ऋतु के आगमन के लिए मनाया जाता है मकर संक्रांति का धार्मिक और सांस्कृतिक दोनों ही महत्व है माना जाता है कि मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव अपने पुत्र शनि देव के घर जाते हैं मकर संक्रांति के दिन तिल और गुड़ से बने लड्डू और अन्य मीठे पकवान बनाने की परंपरा है शिक्षक खोमन सिन्हा ने बताया कि तिल और गुड़ के लड्डू बनाने के पीछे महत्व है यह है कि इस समय सर्दी का मौसम होता है जिस कारण तिल और गुड़ से बने लड्डू स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होते हैं प्राथमिक शाला सिर्रीखुर्द में पतंग बनाने के लिए प्रतियोगिता आयोजित किया गया जिसमें सभी बच्चों ने भाग लिया साथ ही शिक्षक खोमन सिन्हा ने सभी बच्चों को तिल के लड्डू वितरण कर मकर संक्रांति की बधाई दिये संस्था प्रमुख जगन्नाथ ध्रुव ने कहा कि हमारे विद्यालय में सभी प्रकार की जयंती और इस प्रकार के रचनात्मक गतिविधियां निरंतर कराया जाता है जिसमें बच्चे पूर्ण रूप से उत्साहित होकर सभी कार्यों में अपनी भागीदारी निभाते हैं निश्चित रूप से बच्चों पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है पढ़ाई के साथ.साथ विभिन्न गतिविधियों के बारे में भी जानकारी ले रहे हैं जो उनके लिए महत्वपूर्ण साबित होगा उक्त अवसर पर संस्था के प्रधान पाठक जगन्नाथ ध्रुव घनश्याम कंवर दुर्गेश विश्वकर्मा मंदाकिनी साहू रूप निषाद लीलाराम मतावले खोमन सिन्हा उपस्थित रहे
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